शास्‍त्रों के अनुसार जानें क्‍या कहता है घर में चीटियों का आना

हमारे शास्त्रों में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई सारी आदतों के बारे में बताया गया है जो भले ही सामान्‍य लगती है लेकिन उसका कहीं न कहीं हमारे कल से जुड़ाव होता है। कहा जा सकता है कि हमारे आने वाले कल में अच्छा या बुरा होने की भविष्यवाणियां करते हैं जिन्हें अज्ञानतावश हम समझ नहीं पाते। कुछ ऐसे ही तथ्‍यों के बारे में हमारे भारतीय प्राचीन ग्रंथों में ‘वास्तु’ एवं जीव संबंधों से जुड़े शुभाशुभ की जानकारी देती है। प्रकृति को विभिन्न विकिरणों एवं संदेशों को समझने एवं ग्रहण करने की क्षमता मनुष्य से कई गुना अधिक होती है। तदनुसार वे अपने माध्यम से मनुष्य को आने वाले शुभाशुभ की जानकारी देते रहते हैं।

चींटी को लेकर भी कुछ ऐसा ही हैं बताया जाता है कि चीटियां भी कई सारे रहस्य उजागर करती है आपने कभी ध्‍यान दिया होता तो पता चलेगा कि चींटियां भी आपस में बातचीत करती हैं, वे नगर बनाती हैं और भंडारण की समुचित व्यवस्था करना जानती हैं। चींटियों का नेटवर्क दुनिया के अन्य नेटवर्क्स से कहीं बेहतर होता है। ये मिलकर एक पहाड़ को काटने की क्षमता रखती हैं। मानव को चींटियों से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।

वही शास्त्रों में भी अचानक घर में दाना इकट्ठा करतीं चींटियां पैदा हो जाएं, तो कहा जाता है कि आने वाले समय में कुछ बुरा होने की ये आशंका पैदा करती हैं। इसके अलावा घर में अचानक लाइन के साथ ढेर सारी चींटियां चलना तेज बारिश होने का भी संकेत देती हैं। वहीं अगर लाल चींटियों की कतार मुंह में अंडे दबाए निकलते देखना शुभ है यानि सारा दिन शुभ और सुखद बना रहता है।

कहा जाता है कि जो लोग चींटी को आटा देते हैं और छोटी-छोटी चिड़ियों को चावल देते हैं, वे वैकुंठ जाते हैं। कर्ज से परेशान लोग चींटियों को शकर और आटा डालें। ऐसा करने पर कर्ज की समाप्ति जल्दी हो जाती है।