रातों-रात पीएम मोदी ने इस महिला को फोन कर बुलाया, जानें आखिर कौन है ये महिला

आज हम एक ऐसी शख्‍शियत की बात करेंगे जो बेहद ही खास है शायद इन्‍हें आपलोग नहीं जानते होंगे और न ही कभी इनके बारे में सुना होगा क्‍योंकि न ये कोई सेलिब्रिटी है और न ही कोई पॉलिटीकल पार्टी की बड़ी नेता तो फिर आप सोच रहे होंगे कि आखिर कौन है ये। दरअसल हाल ही में एक खबर आई है जिसमें पीएम मोदी ने एक महिला अधिकारी को रातों-रात भारत बुलाया क्‍योंकि वर्तमान में वो अमेरिका में तैनात थीं।

फिल्‍हाल तो पूरे देश में इनकी ही चर्चा है जी बता दें कि जिस महिला के बारे में हम बात कर रहे हैं उनका नाम करूणा गोपाल है। करुणा आजकल इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि ये 100 स्मार्ट सिटी बनाने की योजना की प्रमुख सलाहकार हैं और पीएम मोदी ने भारत में बनने वाले स्‍मार्ट सिटी के लिए खुद करुणा को इनवाइट किया है। करुणा ऐसे ही नहीं यहां तक पहुंची इसके पीछे इनके कई सारी उपलब्धियां और उनका संघर्ष है।

बताते चलें कि करुणा जब 14 साल की थीं तभी से उनका संघर्ष शुरू हो गया था उसी समय उन्हें कार्डियक अटैक हुआ था और डॉक्‍टर ने उन्हें मृत मान लिया गया था, लेकिन फिर वे अचानक से जीवित हो उठीं। जिसके बाद उन्‍होंने अपनी पढ़ाई पूरी करके एनआईआईटी में बतौर फैकल्टी पढ़ाने लगीं और साथ ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम भी करने लगीं। सन् 1991 में इनकी शादी गोपालकृष्ण से हो गई और ठीक एक साल बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम विक्रम है। विक्रम के दो साल का होते ही करुणा समझ गई थी कि उनके बेटे के साथ कुछ प्रॉबलम है।

डॉक्‍टर को दिखाया तो पता चला कि उसे ऑटिज्म की तकलीफ है इस बात का पता चलते ही करुणा का पूरा जीवन ही बदल गया। उन्‍होंने सारा काम बंद कर दिया लेकिन आखिर काम तो करना ही था, तो रात में जब बेटा सो जाता था तो वो काम करती थी। तब एक करीबी से पता चला कि इस तरह के बच्चे बहुत अच्छे आर्टिस्ट होते हैं। तब विक्रम की रुचि जानकर उसे पेंटिंग की ओर आगे बढ़ाया और आज के समय में विक्रम बहुत अच्छा पेंटर है।

धीरे धीरे करुणा ने भी अपने घर से ही काम करना शुरू कर दिया उस जमाने में उनके साथ एक वर्चुअल टीम थी और वो एडवाइजर के रूप में काम करने लगीं। करुणा ने पास अमरीका, सिंगापुर और वियतनाम आदि देशों से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट डिजाइन के प्रस्ताव आने लगे और वो काम करने लगीं। वहीं इसी दौरान वो वेंकैया नायडू के संपर्क में आईं और विदेशों का काम देखकर देश में स्मार्ट सिटी के लिए काम करने का प्रस्ताव मिला और इसी वजह से पीएम मोदी ने करुणा गोपाल को इस मिशन लॉन्च पर आमंत्रित किया था।