अगर आपको भी लगी है किसी की बुरी नज़र तो पहचाने लक्षण तो तुरंत करें ये उपाय, मिनटों में मिलेगा छुटकारा

नजर लगना एक बहुत बड़ा दोष माना जाता है। जब कभी कोई व्यक्ति किसी की उन्नति वा भाग्य को देखकर ईर्ष्या करता है या ईर्ष्या के वशीभूत कुछ गलत कह दे तो उसे नज़र लग सकती है। बुरी नजर का प्रभाव मनुष्य को रोगी के समान ही बना देता है अथवा इसके प्रभाव से मनुष्य को अनेक प्रकार की परेशानियों से होकर गुजरना पड़ता है। बुरी नजर के कारण अनेक बाधाएं एवं मुसीबतें मनुष्य को आ घेरती है तथा कभी कभी बुरी नजर का अर्थ यह माना जाता की उस जिस व्यक्ति पर बुरी नजर लगी है उसे दुष्ट आत्मा, भुत-पिशाच आदि ने जकड़ लिया है।

किसी अच्छे काम को शुरु करते ही किसी न किसी प्रकार की बाधा का आजाना कुछ नही तो टेलीफ़ोन का ही बजने लग जाना और जब तक उसे उठाओ बन्द हो जाना।

 लक्षण:

1.  अचानक से पति-पत्नी में अनबन होना।
2.  कामुकता का अधिक पैदा होना।
3.  जननांग को खुजली होना।
4.  बाथरूम मे अधिक समय का लगना।
5.  बाल खुल्ले रखने की आदत बन जाना।

6.   किसी न किसी अंग का लगातार फ़डकते रहना।
7.  अपने ही रखवालो को अपने से दूर करने के लिये कठोर बात करने लगना
8.  लडने झगडने की आदत बन जाना।
9.  भोजन मे अधिक खटाई का प्रयोग करने लग जाना।
10. घर की महिलाओ से अकारण ही बैर भाव पाल लेना।
11.  अपनी सन्तान का ख्याल नही रखना।
12.  नाखून चबाते रहना।
13.  दुकानदारी के चलते चलते अचानक बन्द हो जाना।
14.  किसी अच्छे काम को शुरु करते ही किसी न किसी प्रकार की बाधा का आ जाना।
15.  कुछ नही तो टेलीफ़ोन का ही बजने लग जाना और जब तक उसे उठाओ बन्द हो जाना।

उपाय :

नज़र लगे हुए व्यक्ति के सिर के ऊपर से दूध को तीन बार उतारकर कुत्‍ते को पीला दें अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे नज़र उतर जाती है। नज़र लगे हुए व्यक्ति को हर रोज हनुमान जी आराधना करनी चाहिए।

नजर लगे हुए व्‍यक्ति को घर के किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति का जूता लेकर उसके सिर से सात बार उतारे जुटे के टेल पर थूक लगाकर जमीन पर जोर से पटके जूता घुमाते समय “ॐ रां रहावे नमः” का जाप करते रहे।

जिन व्यक्तियों को अक्सर नजर लगती रहती हो, उन्हें कभी भी सफेद मिठाई खाकर घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। अगर किसी मजबूरी में आपने ऐसा किया भी तो आप तुलसी के पांच पत्ते लेकर जल के साथ सेवन कर लें और उस समय मन ही मन श्री विष्णु, श्री विष्णु का जाप करें।

नीबू को सिर से उतारकर चार टुकड़ों में काटकर चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें। यदि कोई नजर लगी हो या टोटका किया गया हो तो दोष दूर हो जाता है।

बच्चों को मोती चांद का लॉकेट एवं नजरबंद (काले-सफेद मोती) का ब्रेसलेट या करधनी धारण कराएं।

जो मानसिक रूप से परेशान हैं तथा पागलपन की अवस्था में आ जाते है, उसे हाथ की उंगली में मोती की अंगूठी पहना देने से लाभ होता है।