चलती एम्बुलेंस से एक लाश भाग खड़ी हुई, दहशत का ऐसा मंजर देख सबके उड़े होश

आपको ये सुनकर जरूरी हैरानी होगी की कैसे भला एक लाश चलती हुई एम्बुलेंस से भाग सकती है, लेकिन यकीं मानिये जिन्होंने इस पूरे वाकये को अपनी आँखों से देखा है वो अब तक सदमें है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं की आखिर कैसे, कब और कहाँ घटित हुई ये चौंका देने वाली घटना। तो आइये जानते हैं की आखिर कैसे एक निर्जीव लाश देखते ही देखते लोगों के आँखों से ओझल होगयी।

अस्पताल कर्मियों की लापरवाही भी है इसके पीछे

एक लाश पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल ले जाई जाती है और जब हॉस्पिटल में एम्बुलेंस से लाश निकालने कर्मचारी जाते हैं तो पता चलता है की एम्बुलेंस में लाश है ही नहीं। ये खबर जितनी चौंकाने वाली है उतनी ही सोचने पर भी मजबूर करती है की आखिर ये कैसे हो सकता है और साथ ही साथ हॉस्पिटल कर्मियों के लापरवाही के साथ काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाता है। आपको बता दें की हॉस्पिटल कर्मियों ने बाद में लाश को काफी खोजने की भी कोशिश की लेकिन लाश का कोई पता नहीं चल पाया।

ट्रेन की इस बोगी से बरामद हुआ था लाश

आपको बता दें की ये घटना तब घटित हुई जब राज्यरानी एक्सप्रेस दादर से चलकर दिन में करीब 12 बजे शाहजहांपुर पहुंची। इस ट्रैन की बोगी न. बी 1 में एक लड़का मृत अवस्था में पड़ा था। लोगों ने देखा तो तुरंत रेलवे कर्मचारियों को सूचित किया, बोगी में मृत व्यक्ति की जानकारी पाकर रेलवे वाले भी सकते में आगये और आनन् फानन में ट्रैन को अगले स्टेशन पर रोकने का आदेश दे दिया गया।

इसके बाद अगले स्टेशन पर लाश को ट्रेन से उतारकर एक एम्बुलेंस में डालकर हॉस्पिटल ले जायेगा जा रहा था जब अचानक से रास्ते में वो चलती एम्बुलेंस से कूद गया। बहुत खोजने के बाद भी जब वो नहीं मिला तो जांच परताल के बाद ये बात सामने आयी की वो युवक मरा नहीं था बल्कि ट्रेन में किइस ने उसे बेहोस कर उसके पैसे और मोबाइल लूट लिया था। हद हो गयी लापरवाही की अगर वो युवक सही समय पर होश में नहीं आता तो संभव था की उसके अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता।