रेयान मर्डर मिस्ट्री: सीबीआई कैसे पहुंची प्रद्युमन के हत्यारे तक, जाने स्टेप बाई स्टेप

सीबीआई ने रेयान इंटरनेशल स्कूल मर्डर केस में 11 वी क्लास के छात्र को अरेस्ट कर एक बार फिर से सनसनी फैला दी है। आपको बता दूँ की इससे पहले गुरगाँव पुलिस ने प्रद्युमन मर्डर केस में स्कूल बस ड्राइवर को अरेस्ट किया था। लेकिन अभी एक दिन पहले ही इस छात्र को अरेस्ट कर सीबीआई ने गुरगाँव पुलिस को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। हम आपको बताने जा रहें हैं की आखिर किस तरह से सीबीआई ने रातों रात प्रद्युमन मर्डर केस के इस आरोपी को गिरफ्तार किया। आइये जानते हैं सीबीआई द्वारा किये गए स्टेप बाई स्टेप खुलासों के बारे में।

 

सीबीआई को आरोपी छात्र पर पहले से ही था शक

सीबीआई ने इस केस की जांच 22 सितम्बर को ही शुरू कर दी थी, सबसे पहले सीबीआई ने उस बाथरूम का सीसीटीवी फुटेज चेक किया था जहाँ प्रद्युमन की हत्या की गयी थी। सीबीआई जांच टीम ने प्रद्युमन से पहले उस बाथरूम में गए 7 छात्रों की एकेडेमिक से लेकर मेडिकल जांच की थी जिसमे आरोपी छात्र का अकेडमिक बैकग्राउंड काफी कमजोर था। आपको बता दें की 11वी क्लास के इस छात्र के बारे में स्कूल के माली ने भी बताया था की मर्डर की सूचना सबसे पहले इसी ने दी थी।

जिन सात स्टूडेंट्स को सीबीआई टीम ने घेरे में लिया था उनके क्लासमेट और क्लास टीचर से जब एक्सपर्ट टीम ने बात की थी तो कुछ बच्चों ने आरोपी छात्र की तरफ इशारा करते हुए ये भी कहा था की वो स्कूल में चल रहे परीक्षा की डेट चेंज करवा देगा और वो अक्सर स्कूल में चाकू लेकर भी आता था। इसके बाद सीबीआई ने इन सातों का फोन सर्विलैंस पर रखा था और जब मंगलवार की रात को आरोपी छात्र को गिरफ्तार किया गया तो उसने हत्या में शामिल होने की बात अपने पेरेंट्स के सामने कबूल कर ली।

एक बार पहले भी प्रद्युमन को वाशरूम में किया था बंद

सीबीआई पूछताछ में सामने आयी है की एक बार पहले भी किसी ने प्रद्युमन को उसी वाशरूम में बंद कर दिया था जहाँ उसकी हत्या हुई थी। इधर प्रद्युमन के पिता वरुण ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए बताया है की उन्हें सीबीआई जांच पर पूरा यकीन है और अभी और भी खुलासे होने बाकी हैं जिसे रेयान स्कूल का एडमिनिस्ट्रेशन छिपाता आ रहा है।

वरुण ठाकुर ने आगे कहा की मेरे हत्या साजिश के तहत हुई है और अशोक की गिरफ्तारी के वक़्त भी हमने सवाल उठाये थे क्यूंकि हमें वो किसी भी हत्यारा नजर नहीं आ रहा था। आपकी जानकारी के लिए बता दें की सीबीआई पर इस केस को लेकर काफी राजनीतिक दवाब था जिसके चलते फैसला इतनी जल्दी आ पाया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर हरियाणा सरकार का दबदबा सीबीआई पर बना हुआ था और वो इस केस को लेकर काफी सजग थी।