देखे वीडियो.. फिल्म पद्मावती पर मचे बवाल को लेकर सुनील शेट्टी ने कह दी इतनी बड़ी बात कि…

अगर बॉलीवुड गलियारों की बात करे तो ये तो सब जानते है कि कई दिनों से फिल्म पद्मावती को लेकर चारो तरफ हंगामा मचा हुआ है. जी हां लोग इस फिल्म को लेकर काफी तंज कस रहे है और इसकी आलोचना कर रहे है. यहाँ तक कि पद्मावती का नाम सुनते ही लोगो के मन में निर्देशक संजय लीला बंसाली को लेकर गुस्सा फूटने लगता है. दरअसल लोगो का ये कहना है कि ये एक ऐताहासिक फिल्म है और इसमें जो दृश्य दिखाए गए है, उससे इतिहास की गरिमा को ठेस पहुंची है. ऐसे में लोगो द्वारा इस फिल्म का विरोध किये जाने के बाद कई राज्यों में इस फिल्म को रिलीज़ करने पर रोक लगा दी गई है.

वही इस फिल्म के बारे में फिल्म एक्टर सुनील शेट्टी ने भी एक ऐसी बात कह दी है, जिसे सुन कर आप भी हैरान रह जायेंगे. अब उन्होंने ऐसा क्या कहा, ये तो आपको वीडियो देखने के बाद ही पता चलेगा. जहाँ एक तरफ लोगो का कहना है, कि इस फिल्म के जरिये संजय लीला बंसाली ने रानी पद्मावती के चरित्र को तोड़ मरोड़ कर सबके सामने पेश किया है और रानी पद्मावती और राजपूतो का अपमान किया है.

वही दूसरी तरफ सुनील शेट्टी का कहना है कि वो जानते है कि संजय लीला बंसाली ऐसी कोई फिल्म नहीं बनाते, जिससे किसी का अपमान हो और जिसकी वजह से लोगो को इतना हंगामा मचाने की जरूरत पड़े. इसके साथ ही सुनील शेट्टी का कहना है कि लोगो को फिल्म के बारे में कुछ भी बोलने से पहले एक बार खुद जाकर इस फिल्म को देखना चाहिए, ताकि उन्हें पता चल सके कि इस फिल्म में क्या गलत है और क्या सही है. उन्हें किसी के बहकावे में आकर आक्रोश नहीं दिखाना चाहिए.

इसके इलावा सुनील शेट्टी ने ये भी कहा कि अगर ये मुमकिन नहीं है, तो पहले इस फिल्म को एक बार दिखा दिया जाए और फिर सेंसर बोर्ड पर ये फैसला छोड़ दिया जाये, कि इस फिल्म को रिलीज़ करना है या नहीं. वैसे सुनील शेट्टी ने तो यहाँ तक कह दिया कि हमें यकीन है कि इस फिल्म में ऐसा कुछ भी गलत नहीं है, जिससे किसी की माँ, बेटी और किसी रपूतानी का अपमान हो. इसलिए इस फिल्म को एक मौका तो मिलना ही चाहिए. वैसे भी जब तक हम किसी चीज को इस्तेमाल करके नहीं देखते, तब तक हमें उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सकता.

इसलिए जब तक लोग इस फिल्म को नहीं देखेंगे, तब तक उन्हें ये पता नहीं चल सकता कि वास्तव में इस फिल्म में कुछ गलत दिखाया गया है या ये केवल एक अफवाह है.