अभी अभी: सबके दिलों पर राज करने वाले शशि कपूर का हुआ निधन, फिल्‍म जगत में छाई शोक की लहर

हम सभी पद्म विभूषण अभिनेता शशि कपूर को तो जानते ही हैं ये किसी परिचय के मोहताज नहीं है वहीं आपको बता दें कि आज यानि सोमवार की शाम इनका निधन हो गया। शशि कपूर बॉलीवुड के पितामह पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे थें और साथ ही राज कपूर और शम्मी कपूर के सबसे छोटे भाई भी थे। बताया जा रहा है कि वो काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शशि कपूर मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती थे। शशि कपूर को साल 2014 से चेस्ट में तकलीफ थी। इससे पहले उनकी बायपास सर्जरी भी हुई थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शशि कपूर का असली नाम बलबीर राज कपूर था। उन्होंने अपने एक्टिंग की शुरूआत बतौर चाइल्ड एक्टर भाई राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ और ‘आग’ में की थी। वहीं उन्‍हें साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2015 में उन्हें 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

लेकिन दुख की बात तो ये है कि जाते जाते ये साल बॉलीवुड के साथ साथ हमे गम दे गया हमारे बीच से एक और अभिनेता चला गया। बता दें कि जैसे ही उनके निधन का समाचार मिला उनके भतीजे यानि की ऋषि कपूर दिल्ली में अपनी फिल्म की शूटिंग छोड़कर तुरंत मुंबई रवाना हो गए।

बताया जा रहा है कि 1984 में पत्नी जेनिफर की कैंसर से मौत के बाद शशि कपूर अकेले रहने लगे थे जिसकी वजह से उनका स्‍वास्‍थ भी दिन प्रतिदिन बिगड़ता जा रहा था और अब तबीयत इतनी ज्‍यादा खराब रहने लगी थी कि इसी वजह से शशि कपूर ने फिल्मों से दूरी बना ली। शशि के तीन बच्चे करण कपूर, कुनाल कपूर और संजना कपूर हैं।

60 और 70 के दशक में उन्होंने जब-जब फूल खिले, कन्यादान, शर्मीली, आ गले लग जा, रोटी कपड़ा और मकान, चोर मचाए शोर, दीवार कभी-कभी और फकीरा जैसी कई हिट फिल्में दी। शशि कपूर को तीन बार नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। 1979 में शशि द्वारा निर्मित फिल्म जुनून को बेस्ट फीचर फिल्म अवॉर्ड मिला। 1986 में फिल्म न्यू देल्ही टाइम्स के लिए बेस्टर एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। 1994 में फिल्म ‘मुहाफिज’ के लिए स्पेशल ज्युरी अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा उन्होंने ‘सत्य शिवम सुंदरम’, ‘नमक हलाल’, ‘जब-जब फूल खिले’ और ‘कभी-कभी’ जैसी सुपर हिट फिल्मों में काम किया था।