पाना चाहते है निरोगी जीवन तो आज से ही अपना लीजिये पानी पीने के यह चार नियम

तरह तरह के लोग बताते है की पानी का हमारे जीवन में कितना ज्यादा महत्व है और इस बात की उल्लेख आयुर्वेद में भी किया गया है की तमाम तरह के रोगों से लड़ने और उनसे सुरक्शित रहने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है की शरीर में पानी की बराबर मात्रा बनी रहे। बताना चाहेंगे की यदि हम पानी को सही तरीके से पीने की आदत दाल लें तो इससे हमारे शरीर में बनाने वाली वात पित्त और कफ से हमें काफी हद तक राहत मिलती है। मगर इसका मतलब यह भीलकुल नहीं है की आप जब और जितना मर्ज़ी पानी पी लीजिये, इसके लिए कुछ नियम बनाए गए है जिसके बारे में आज हम यहाँ आपको बताएँगे।

सबसे पहले तो आपको बता दे की प्रतिदिन सुबह सुबह उठते ही आपको दो गिलास पानी पी लेना है, ऐसा करने से शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है साथ ही हमारा पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। इस बात का हमेशा विशेष तौर से ध्यान रखना चाहिए की खाना खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नहीं पीना चाहिए, इससे पाचन क्रिया के दौरान जो आगनी जाली हुई होती है वो बुझ जाती है और आपका भोजन ठीक तरह से नहीं पाच पाता जिसकी वजह से आपको कई सारी समस्या आने लगती है। जैसे पेट फूलना, कब्ज़ रहना, पेट भारी हो जाना या गैस हो जाने जैसे परेशानियों से आपका पाला पड़ने लगता है।

ऐसा कहा जाता है की कभी भी पानी खड़े होकर नहीं पीना चाहिए, पानी को आप जब भी पिए बैठ कर ही पिए। बताना चाहेंगे की यदि आप खड़े होकर पानी पीते है तो इससे मूत्र सम्बन्धी रोग जैसे हारनिया जैसी बीमारी हो सकती है। इसके अलावा आपको बता दे की जब भी आप पनि पीने जा रहे हों तो यह ज्यादा बेहतर होगा की आप हल्का गुनगुना पानी पीजिए। ऐसा माना जात है की गुनगुना पानी पीने से भोजन पचने में तो मदद मिलती ही है साथ ही शरीर की चर्बी भी कम होती है। खासतौर पर मोटे लोगों को गुनगुना पानी पीना चाहिए इससे उन्हे काफी राहत मिलती है साथ ही शरीर की अनचाही चर्बी को कम करने का यह सबसे बेहतर और आसान उपाय है।