रामायण का लंकापति रावण अब दिखने लगा है ऐसा, देखकर पहचान नहीं पाएंगे आप

आप अगर सीरियल के शौकीन हैं तो आपको बचपन के दिन में दिखाए जाने वाले रामानंद सागर द्वारा बनाए गए धारावाहिक रामायण तो याद ही होंगे। रामानंद सागर आज अगर हमारे बीच होते तो 98 साल के हो गए होते। 29 दिसंबर 1917 को जन्मे रामानंद का 12 दिसंबर 2005 को निधन हो गया। आपको बता दें कि खासतौर पर उन्‍हें ‘रामायण’ के लिए जाना जाता था। 1986-1988 के बीच प्रसारित हुए इस सीरियल के एक्टर्स को लोग उनके असली नाम की जगह किरदार के नामों से ही जानने लगे।

इस धारावाहिक में जितनी महत्‍पूर्ण किरदार राम का रहा उतना ही महत्‍वपूर्ण रावण का भी था। आप तो जानते ही होंगे कि धारावाहिक और फिल्‍मों में हिरो की भूमिका महत्‍वपूर्ण होती है उतनी ही ज्‍यादा विलेन की भूमिका भी महत्‍वपूर्ण होती है। अगर रावण का किरदार आपको याद होगा तो भारत के लोग इन्‍हें रावण के नाम से ही जाने लगे थे लेकिन आपको बता दें इस अभिनेता का असली नाम अरविंद त्रिवेदी है। अरविंद त्रिवेदी जी का जन्म 8 नवंबर 1935 मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था इनके पिता एक मैनेजर थे कुछ बाद ये इंदौर से उज्जैन बस गए। ये शाम को रामलीला देखने जाया करते थे उन्हें रामलीला देखना बहुत ही पसंद था।

इन्‍होंने रावण के किरदार को कर हमेशा के लिए लोगों की आंखों में बस गए हैं इनके किरदार कि हर कोई तारीफ करता है इसमें काम करने वाले रावण यानी अरविन्द जी को कोई भूल नहीं सकता इनकी आवाज में दम था इनकी दहाड़ने की आवाज को हर कोई भूल नही सकता वाकई में इनके द्वारा की गयी एक्टिंग ऐसी लगती थी की ये एक्टिंग ना हो बल्की सचमुच एक रावण हो।

इन्‍होंने लगभग 250 फिल्मों में काम किया है, जिनमें गुजराती और हिंदी दोनों शामिल हैं। लोग उन्हें ‘रामायण’ के अलवा फिल्मों में निभाए गए शानदार किरदारों के लिए भी जानते हैं। वहीं आपको ये भी बता दें कि अरविंद त्रिवेदी के भाई उपेंद्र त्रिवेदी भी एक भारतीय अभिनेता हैं।

जंगल में मंगल उनकी एक हिंदी फिल्म है उसके बाद हिंदी और गुजराती फिल्मो में उनके काम को देखते हुए रामानंद सागर को ये पसंद आए और इन्होंने रामायण सीरियल में इनको काम करने का मौका दिया।

जब ये सीरियल में काम करने वाले थे तभी रामानंद सागर ने उनसे पूछा कि आप क्या रोल करना चाहते हो तभी उन्होंने केवट के किरदार को करने के लिए कहा लेकिन बाद में उनकी छवि को देखते हुए उन्होंने रामायण के रावण का किरदार किया और लोग उनको हमेशा के लिए पसंद करने लगे। रामायण सीरियल के खत्म होने के कुछ समय बाद ये राजनीति में चले गये।