एक आंख पर हाथ रख कर तस्वीर खिंचवा रहे है दुनिया भर के लोग, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

यूँ तो आज कल सोशल मीडिया पर बहुत सी चीजे वायरल होती रहती है, लेकिन आज कल सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा वायरल हो रहा है, जिसके बारे में जान कर आपको गर्व भी होगा और हैरानी भी होगी. जी हां आज कल दुनिया भर के लोग अपनी एक आंख पर हाथ रख कर तस्वीरें खिचंवा रहे है. अब वो ऐसा क्यों कर रहे है और इसके पीछे उनका क्या मकसद है, ये तो आपको पूरी खबर पढ़ने के बाद ही पता चलेगा. हालांकि ये सुनने में काफी अजीब लग रहा है, लेकिन ये सच में हो रहा है. दरअसल बात ये है कि न केवल सीरिया बल्कि दुनिया भर के सभी लोग ऐसा करके दो महीने के उस बच्चे का समर्थन कर रहे है, जो दमिश्क के पास हुए हमले के कारण अपनी एक आंख खो चुका है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस बच्चे का नाम करीम है. जिसकी उम्र अभी केवल दो महीने है. जी हां करीम के सर पर भी काफी चोटे आयी है. गौरतलब है कि सीरिया के पूर्वी गौटा में एक सरकारी हमले के दौरान करीम के साथ ये हादसा हुआ था. केवल इतना ही नहीं इसके इलावा इस हादसे में उस मासूम ने अपनी माँ को भी खो दिया. बरहलाल इस हादसे के बाद जैसे ही करीम की तस्वीरें सामने आयी, हर तरफ उसकी चर्चा होने लगी. आपको जान कर ताज्जुब होगा कि सोशल मीडिया पर करीम के लिए कई हैशटैग भी चल रहे है. जैसे कि सॉलिडैरिटी विद करीम हैशटैग का तीस हजार बार इस्तेमाल किया जा चुका है.

यहाँ तक कि लोग इस मासूम बच्चे को सहयोग देने के लिए और इससे सहानुभूति के कारण अपनी एक आंख पर हाथ रख कर तस्वीरें भी खिंचवा रहे है और उन तस्वीरो को सोशल मीडिया पर शेयर भी कर रहे है. बता दे कि सीरिया में साल 2011 से गृहयुद्ध जारी है. यहाँ आईएस आंतकियो के कारण पूरा देश बर्बाद हो गया है. जी हां सीरिया में आपको ऐसे दर्जो करीम देखने को मिल जायेंगे, जिनकी न केवल जिंदगी बर्बाद हो चुकी है, बल्कि उनके परिवार भी तबाह हो चुके है. आपको जान कर ताज्जुब होगा कि यहाँ तीन लाख से भी ज्यादा लोग मारे जा चुके है और नाजाने कितने ही मासूम बच्चे यहाँ फंसे हुए है.

हालांकि करीम इन्ही मासूम बच्चो में से एक है. बरहलाल यहाँ कई बच्चे तो ऐसे है, जिन्हे खाने के लिए भी कुछ नहीं मिल रहा. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सीरिया में जहाँ हमले हुए वहां सौ बच्चो को अब भी फ़ौरन मदद की जरूरत है. मगर अफ़सोस कि राष्ट्रपति असद की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र को घायल हुए लोगो को चिकित्सा संबंधी मदद देने से ही इंकार कर दिया. वही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति में ब्रिटेन के प्रतिनिधि मैथ्यू रिरक्राफ्ट ने करीम के समर्थन में एक ट्वीट किया है. गौरतलब है कि मैथ्यू ने ये लिखा है कि जब हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सत्र में बैठ कर ये कहते है कि ऐसे मुद्दों पर कोई कदम न उठाने से और भी कई लोगो की जान चली जाएगी. जो वास्तव में हो रहा है.

ऐसे में हमें इस पर कुछ अहम कदम उठाने की जरूरत है, ताकि करीम जैसे बच्चो को बचाया जा सके.