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अपनी दो मासूम बेटियों को ठंड से बचाने के लिए बाप ने ले ली उनकी जान, पूरी खबर पढ़ कर रो पड़ेगे आप

अपनी दो मासूम बेटियों को ठंड से बचाने के लिए बाप ने ले ली उनकी जान, पूरी खबर पढ़ कर रो पड़ेगे आप

इसमें कोई शक नहीं कि इस बार ठंड इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि नदियाँ भी जम चुकी है. ऐसे में आप खुद ही सोच सकते है कि इस ठंड में लोगो का क्या हाल होता होगा. जी हां लगातार बढ़ती ठंड की वजह से ही नाजाने कितने मासूम लोगो की जान जा चुकी है और नाजाने कितने लोग बीमार है. ऐसे में लोग इस ठंड से बचने के लिए खुद को किसी तरह गर्म रखने की कोशिश कर रहे है. हालांकि जो लोग गरीब है और जिनके पास कंबल तक नहीं है, उनके लिए सड़को पर गुजारा करना काफी मुश्किल है. बता दे कि वो लोग भी किसी तरह सड़को पर आग जला कर खुद का गुजारा कर रहे है.

बरहलाल आज हम आपको ऐसे ही एक परिवार से रूबरू करवाने वाले है, जिन्होंने ठंड से बचने के लिए घर में आग जलाई थी, लेकिन उस आग के धुए ने उनकी दोनों मासूम बच्चियों की जान ले ली.  गौरतलब है कि यह घटना भठिंडा की मौड़ मंडी की है. जहाँ पुराने दुर्गा मंदिर के भंडारे में एक नेपाली परिवार काम करता था. अगर खबरों की माने तो बीते शुक्रवार पूरे परिवार को बेहोशी की हालत में पाया गया. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि उनके परिवार में पति पत्नी और उनकी तीन बच्चिया थी. ऐसे में दो बच्चियों की तो मौके पर ही मौत हो गई. गौरतलब है कि नेपाल का रहने वाला लक्ष्मण सुनार पिछले सात सालो से इस भंडारे में खाना बनाने का काम करता था.

इसके साथ ही वो अपनी पत्नी और बच्चियों के साथ इसी भंडारे द्वारा दिए गए कमरे में रहता था. बरहलाल लक्ष्मण की पत्नी ने बताया कि हर रोज की तरह वो करीब साढ़े नौ बजे कमरे में सोने के लिए चले गए थे, लेकिन इसी दौरान उनकी बेटी के पेट में दर्द होने लगा. ऐसे में अपनी बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उन्होंने कमरे में ही आग जला दी. वही कुछ देर बाद दूसरी बच्ची भी दर्द से चिल्लाने लगी. हालांकि लक्ष्मण अपनी पत्नी के साथ कमरे में आग जलाने के बाद सोने के लिए चले गए थे. मगर जब सुबह किसी भी तरह की प्रतिक्रिया न होने पर लोगो को शक हुआ, तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया. जी हां जब उन्होंने अंदर देखा तो पांचो बेहोश पड़े थे.

यानि लक्ष्मण उनकी पत्नी और उनकी तीनो बच्चिया बेहोश थी. ऐसे में सब को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाया गया. वही इस बारे में डॉक्टर का कहना है कि नाइट्रोजन ऑक्साइड बढ़ने के कारण उन दोनों बहनो की मौत हो गई. हालांकि बाकि तीनो लोग अब खतरे से बाहर है. इसके साथ ही डॉक्टर ने इस बात की नसीहत भी दी कि कमरे में अंगीठी जलाने से पहले इस बात का खास ध्यान रखे कि वो कमरा पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए.

बरहलाल हम तो केवल यही कह सकते है कि परिवार की छोटी सी लापरवाही से दोनों बच्चियों की जान चली गई और भगवान् उन दोनों की आत्मा को शांति दे और लोगो को ठंड से बचाएं.

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