Home / दिलचस्प / ये है भारत का एक ऐसा गांव जहाँ अपने ही भाई के साथ बांटी जाती है बीवी, वजह जान कर दंग रह जायेंगे
ये है भारत का एक ऐसा गांव जहाँ अपने ही भाई के साथ बांटी जाती है बीवी, वजह जान कर दंग रह जायेंगे

ये है भारत का एक ऐसा गांव जहाँ अपने ही भाई के साथ बांटी जाती है बीवी, वजह जान कर दंग रह जायेंगे

यूँ तो दुनिया के हर कोने और हर शहर में ऐसे कई रीती रिवाज है, जिन पर यकीन करना काफी मुश्किल है. जी हां ऐसे रीती रिवाज जिनके बारे में सुन कर भी आपको उन पर यकीन नहीं होगा. जहाँ एक तरफ आज बहुत से शहरों में महिलाएं अपनी एक अलग पहचान बना रही है, वही देश के कुछ इलाके ऐसे भी है, जहाँ आज भी महिलाओ के साथ जानवरो जैसा व्यव्हार किया जाता है. बरहलाल आज हम आपको ऐसे ही एक गांव से रूबरू करवाने वाले है, जहाँ महिलाओ को लेकर एक अजीबोगरीब सा रिवाज बनाया गया है.

आपको जान कर ताज्जुब होगा कि यहाँ केवल जमीन का बंटवारा न करने के लिए एक परिवार के दो भाइयो में से एक भाई शादी नहीं करता और अपने ही दूसरे भाई की पत्नी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता है. अगर खबरों की माने तो दिल्ली से दो घंटे दूर राजस्थान के अलवर जिले के एक छोटे से गांव में मनखेड़ा में ऐसी परम्परा देखने को मिलती है. हालांकि इस परम्परा को आज के समय में गैरकानूनी माना जाता है. मगर फिर भी ये रिवाज कायम है. गौरतलब है यहाँ हर घर के पास केवल थोड़ी थोड़ी ही जमीन है. ऐसे में यदि किसी परिवार में दो भाई हो और जिनके पास कम जमीन हो तो उस परिवार में एक भाई की शादी नहीं की जाती.

 

जी हां उस परिवार में एक भाई अपने वैवाहिक जीवन का त्याग कर देता है, ताकि जमीन का अधिक बंटवारा न हो सके. हालांकि अगर सीधे शब्दों में कहे तो यहाँ भाई बलिदान नहीं देता, बल्कि दूसरे भाई की पत्नी से बलिदान माँगा जाता है. बता दे कि इस परम्परा के पीछे दो बड़े कारण बताये गए है. जिनमे से एक कारण तो महिला और पुरुष के लिंग का अंतर है. इसके इलावा दूसरा बड़ा कारण ये है कि यहां लोगो के पास पैसो और जमीन की कमी है.

फिर भी कोई इस गांव में इस कुरीति को लेकर खुल कर बात नहीं करता. जी हां जैसे कि इस गांव की महिलाएं खुल कर इस प्रथा का विरोध नहीं कर सकती और न ही इसके खिलाफ आवाज उठा सकती है. ऐसे में अगर कोई महिला संबंध बनाने से मना करती है, तो उसके साथ बुरा सलूक किया जाता है. वही इस गांव के ज्यादातर पुरुष आज तक अविवाहित है. वही इस गांव में महिलाओ की शादी केवल उन्नीस वर्ष की आयु में ही कर दी जाती है.

बरहलाल इस प्रथा के बारे में हम तो केवल यही कहेगे कि अगर महिलाओ ने इसके खिलाफ मिल कर आवाज बुलंद नहीं की तो ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा.

Check Also

अगर डबल चिन को कम करना है, तो जरूर अपनाएं यह आसान असरदार तरीका

अगर डबल चिन को कम करना है, तो जरूर अपनाएं यह आसान असरदार तरीका

इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग है जिनका चेहरा डबल चिन की वजह से …