खास खबर:इस डॉग को रिटायरमेंट में मिला सरकारी बंगला और साथ ही सुरक्षा में हर वक़्त तैनात रहेंगे दो गार्ड्स

आर्मी के डॉग्स (कुत्ते) उसी तरह देश की सेवा करते हैं, जैसे कोई दूसरा सैनिक। लेकिन इन्हें तब तक जीवित रखा जाता है, जब तक ये काम के रहते हैं। रिटायरमेंट के बाद इन्हें जहर देकर मार दिया जाता है। हालांकि, केंद्र सरकार ऐसी नीति तैयार करने की कोशिश में है, जिसके तहत रिटायरमेंट के बाद इन्हें मारा नहीं जाए ऐसी ही एक घटना सामने आई है मध्य प्रदेश से |आपको बता दे की मध्य प्रदेश राज्य के वन विभाग के सबसे पहले और सबसे मशहूर स्निफर डॉग जिमी को बीमारी के चलते समय से पहले ही रिटायर किया जा रहा है।

आपको बता दे की सेना में रिटायरमेंट के बाद कुत्तों के मारने का चलन अंग्रेजों के वक्त से चला आ रहा है। जब कोई डॉग एक महीने से अधिक समय तक बीमार रहता है या ड्यूटी नहीं कर पाता है तो उसे जहर देकर (एनिमल यूथेनेशिया) मार दिया जाता है। लेकिन जिमी राज्य सेवा का पहला ऐसा डॉग है जिसे रिटायरमेंट के बाद सुविधाएं दी जानी है। टाइगर स्ट्राइक फोर्स में कुत्तों को संभालने वाले कैलाश चिरार ने बताया कि जिमी कुशल, बुद्धिमान और बहादुर जर्मन शेपर्ड है।

जबलपुर में जिमी के लिए आयोजित विदाई समारोह में वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे उसे दो साल पहले ही रिटायरमेंट लेना पड़ा। असल में, वह काफी समय से बीमार चल रही  थी। तमाम जांच और दवा करने के बाद भी जिमी की तबियत ठीक नहीं हुई तो वन विभाग ने जिमी को रिटायर करने का निर्णय ले लिया है|

100 से ज्यादा अपराधियों को पकड़वाने वाली जिमी को ढोल-ढमाकों के साथ विदाई दी गई। फूलों की माला पहने जिमी अपनी रिटायरमेंट से काफी खुश नजर आ रही थी। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने आदेश जारी किया है रिटायरमेंट के बाद भी उसे पहले जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी |रिटायरमेंट के बाद भी उसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मटकुली क्षेत्र में विशेष कनैल में भेज दिया जायेगा और उन्होंने बताया कि मेडिकल कारणों की वजह से जिमी को 10 साल के स्थान पर 9 साल में ही रिटायर करना पड़ रहा है| टाइगर स्ट्राइक फोर्स के अधिकारियों ने उसके मास्टर कैलाश चढ़ार को उसकी सुरक्षा करने के लिए विशेष निर्देश दिए थे यही नहीं उसकी सुरक्षा के लिए दो वन कर्मचारी अलग से ड्यूटी में लगाए गए है| काफी  जांच के बाद मेडिकल बोर्ड ने  बोला-दिस डॉग इस नॉट फिट फॉर ड्यूटी और ड्यूटी करने में असमर्थ जिमी के लिए बाकायदा मेडिकल बोर्ड के सरे लोग बैठे और आखरी में बोर्ड ने उसकी जांच करने के बाद एक सर्टिफिकेट जारीकर दिया, जिसमें लिखा गया नॉट फिट फॉर ड्यूटी।

इस सर्टिफिकेट को देखने के बाद वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने जिमी को रिटायर करने का निर्णय ले लिया। हालांकि उसे वर्ष 2020 में रिटायर होना था लेकिन बीमारी के कारन उसे समय से पहले रिटायर कर दिया गया| जिमी का विदाई समारोह विशेष रूप से जबलपुर के टाइगर स्ट्राइक फोर्स के ऑफिस में आयोजित किया गया। जहां पर उसकी स्वास्थ्य की शुभकामनाएं देने के लिए जबलपुर के सीसीएफ सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे| जिमी को साल 2013 में शिकार के मामले सुलझाने के लिए जिमी को मध्य प्रदेश के राज्यपाल की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट भी दिया गया था। जिमी को सेवा में आने से पहले 9 महीने तक बाघ और तेंदुओं औक पहचानने की ट्रेनिंग दी गई थी। साल 2010 में उसे फोर्स में भर्ती किया गया था।