भारत में तेज़ी से फ़ैल रही हैं पक्षियों से होने वाली ये जानलेवा बिमारी, जाने बचने के उपाय

इंसान को कब, कहाँ, कौन सी बिमारी हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता हैं. ऐसे में हमें हर तरह की बीमारी की जानकारी होना चाहिए ताकि उस बिमारी के लक्षण दिखने पर हम सतर्क हो जाए और जल्द से जल्द उसका इलाज कर सके. आपको बता दे कि कई बार कुछ बीमारियाँ ऐसी भी होती हैं जिसके कीटाणु आग की तरफ फैलते हैं और दुसरो को भी अपनी गिरफ्त में ले लेते हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक बिमारी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका नाम हैं बर्ड फ़्लू वायरस…

इन दिनों कर्णाटक में बर्ड फ़्लू वायरस तेज़ी से अपने पैर पसार रहा हैं. वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन ने इस बात का खुलासा सोमवार को भारतीय कृषि मंत्रालय का हवाला देते किया हैं. आपको बता दे कि ये पूरा मामला प्रकाश में तब आया जब बैंगलोर के दसारहाली गांव में 951 में से 9 पक्षी एच5एन8 वायरस की चपेट में आकर मर गए. चौकाने वाली बात यह हैं कि आमतौर पर पक्षियों में होने वाली ये बीमारी अब इंसानों को भी अपना शिकार बना सकती हैं. ऐसे में कोई इंसान इस जानलेवा बिमारी की गिरफ्त में ना आए इसलिए इनसे बचाव जरूरी हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको बर्ड फ़्लू के कुछ ऐसे संकेतो के बारे में बताएगे जिनके जरिए आप किसी इंसान के अन्दर इस बिमारी के होने का पता लगा सकते हैं.

बर्ड फ़्लू क्या हैं?

जिन लोगो को बर्ड फ़्लू के बारे में नहीं पता हैं उन्हें बता दे कि ये एक प्रकार का वायरल संक्रमण हैं जो एक पक्षी से दुसरे पक्षी में फैलता हैं. बर्ड फ़्लू या Avian Influenza को H5N1 वायरस के नाम से भी जाना जाता हैं. पक्षियों के लिए जानलेवा यह बीमारी इंसानों के लिए भी उतनी ही घातक साबित हो सकती हैं. इसका कारण यह हैं कि इंसान इन पक्षियों के संपर्क में किसी ना किसी तरह आते रहते हैं. ऐसे में इनसे सावधानी रखना जरूरी हो जाता हैं.

ये हैं बर्ड फ़्लू के लक्षण

खांसी, बुखार, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, निमोनिया ऐसे कुछ लक्षण हैं जो बर्ड फ़्लू होने का संकेत देते हैं. यह एक श्वसन बिमारी हैं जो आहिस्ता आहिस्ता आपके लिए जानलेवा बन सकती हैं. इसकी सही जांच के लिए आपके बलगम का टेस्ट किया जाता हैं. ये बलगम बताता हैं कि आप H5N1 वायरस से संक्रमित है या नहीं.

कैसे बचे?

1. इस बिमारी से बचने के लिए आपको अपने आसपास साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना हैं. जब भी आप बाहर से घर आए या भोजन ग्रहण करे उसके पहले साबुन से अपने हाथ धोए. साथ ही खांसी और छींकने वाले लोगो से जहाँ तक हो सके दूर ही रहे. यदि आप ऐसी जगह काम करते हैं जहाँ पक्षियों की उपस्थिति अधिक रहती हैं तो आपको कुछ ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता हैं.

2. चुकी ये बिमारी पक्षियों से फैलती हैं इसलिए मुर्गे, मुर्गियां और बत्तखों का मांस कम से कम खाए. हालाँकि यदि इस मांस को साफ़ सफाई के साथ अच्छी तरह पका कर बनाया गया हैं तो चिकन का सेवन सुरक्षित हैं.

3. इस बात का ध्यान रखे कि इस बिमारी के लिए अभी तक किसी तरह की वैक्‍सीन का आविष्कार नहीं हुआ हैं इसलिए जहाँ तक हो सके मरे हुए पक्षियों से दूर रहे. यदि आपके घर के आसपास कोई मारा हुआ पक्षी पड़ा हैं तो उसे तुरंत फिकवा दे.