खुला राज, यहां छिपा है साढ़े 11 हजार करोड़ का घोटाला करने वाला  नीरव मोदी!

पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 हजार करोड़ का घोटला कर फरार नीरव मोदी कहां छिपा हो सकता है? इस साल जनवरी से ही नीरव मोदी देश से फरार है. चलिए जानते हैं नीरव मोदी किस जगह छिपा हो सकता है?

सबसे महंगे होटल में छिपा नीरव

ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नीरव मोदी न्यूयॉर्क के सबसे महंगे होटलों में शुमार जे डब्ल्यू मैरियट एसेक्स हाउस के बेहद महंगे सुईट में हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह होटल नीरव मोदी का पसंदीदा होटल है और अक्सर वो यहां आकर रुकता है.

एक रात की कीमत 84 हजार

अगर आप होटल की वेबसाइट मैरियट.कॉम पर नजर डालेंगे तो आपको होटल में एक से एक आलीशन कमरा दिखाई देगा. यहां सेंट्रल पार्क डीलक्स स्वीट का एक रात का किराया 1,299 डॉलर यानि करीब 84 हजार है.

आप  तस्वीरों पर गौर फरमाएं तो सेंट्रल पार्क डीलक्स स्वीट में काफी स्पेस है और यहां आराम से लंबे वक्त तक नीरव मोदी ठहर सकता है. इसमें काम करने के लिए खास ऑफिस डेस्क भी बनाया गया है. इस स्वीट में कुल 5 लोग रह सकते हैं.

अक्सर यहां रुकता है नीरव

बताया जाता है कि जेडब्ल्यू मैरिएट होटल के 36वें फ्लोर के स्वीट में नीरव मोदी ठहरता रहा है. न्यूयॉर्क में यह उसका ठिकाना माना जाता है. उसकी पत्नी अमेरिकी नागरिक है.

वहीं, आपको बता दें कि 11 हजार करोड़ से ज्यादा के महाघोटाले में आरोपी नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी जारी है. अब तक 35 ठिकानों पर छापेमारी में 5600 करोड़ का माल जब्त किया जा चुका है. उसका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया है.

कैसे हुआ घोटाला?

नीरव मोदी और उसके तीन साथियों ने अपनी तीन कंपनियों के जरिए ये पूरा जालसाजी काकाम किया.. ये तीन कंपनियां थी- डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट और स्टैलर डायमंड…

इन्हीं तीन कंपनियों के नाम पर नीरव मोदी और उसके साथियों ने कहा कि उन्हें हॉंगकॉंग से सामान मंगाना है और इसके लिए उन्होंने बैंक को lou यानि letter of undertaking जारी करने की मांग की. Lou का मतलब होता है कि जो भी सामान खरीदा जा रहा है उसके पैसे देने की गारंटी बैंक उठाता है…

फर्जी LOU

उन्होंने ये लेटर ऑफ अंडरटेकिंग हांगकांग में मौजूद इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक के नाम पर जारी करने के लिए कहा. पीएनबी ने इलाहाबाद बैंक को पांच और एक्सिस बैंक को तीन lou जारी कर दिए. .यानि अब इनके पैसे की जिम्मेदारी पूरे तरीके से बैंक की हुई.. उसके बाद हांगकांग से करीब 280 करोड़ का सामान इम्पोर्ट किया गया.18 जनवरी को दस्तोवेज लेकर इन तीनों कंपनियों के लोग मुंबई पीएनबी बैंक की ब्रांच में पहुंचे और पैसों का भुगतान करने को कहा. इस पर बैंक अधिकारी ने कहा कि जितना भी पैसा विदेश में भेजना है वो नकद जमा करना पड़ेगा. मगर कंपनियों के लोगों ने इस पर lou दिखाया और पेमेंट करने की मांग की.

उसके बाद जब बैंक ने अपने रेकॉर्ड चैक किए तो पता चला कहीं भी इन 8 lou का जिक्र नहीं है. बता दें कि नीरव मोदी और उसके साथियों ने फर्जी तरीके से lou जारी कराए थे. बैंक के डिप्टी मैनेजर गोकुल नाथ शेट्टी ने एक और कर्मचारी के साथ मिलकर यह कांड किया, lou तो जारी किए मगर कहीं भी सिस्टम में नहीं दिखाया. जिससे कि अब इन 280 करोड़ रुपयों की देनदारी की ज़िम्मेदारी बनी पीएनबी की. इस तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया गया.