क्या आप जानते हैं राष्ट्रपति की कार पर क्यों नहीं होती नंबर प्लेट,जाने इसके पीछे की वजह

जैसा की हम सभी जानते हैं की रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना किसी भी गाड़ी को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाती है। रजिस्ट्रेशन नंबर आपकी गाड़ी पर साफ-साफ और उचित तरीके से अंकित होना चाहिए। यही नहीं गाड़ी चलाते वक्त आपके पास उसकी आरसी होना भी जरूरी होता है|

सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन क्या होता है?

सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन का सीधे शब्दों में अर्थ यह है कि किसी गाड़ी को सड़क पर चलने देने की अनुमति देने के लिए सरकार की तरफ से एक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसे ही आरसी या सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन कहा जाता है। किसी भी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 15 साल के लिए होता है। इसके बाद यह रजिस्ट्रेशन स्वत: खत्म हो जाता है|

टैंपरेरी नंबर पर कितने दिन चला सकते हैं गाड़ी

अगर आपने नई गाड़ी ली है तो उसके साथ एक टैंपरेरी (अस्थायी) रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है। इस नंबर के साथ भी आप अपनी गाड़ी चला सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि इस टैंपरेरी रजिस्ट्रेशन के साथ आप किसी भी सूरत में एक माह से ज्यादा गाड़ी नहीं चला सकते और यह रिन्यू भी नहीं होता है

2 महीने की डेडलाइन याद रखें…

यह तो आप जानते ही हैं कि आप भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से गाड़ी लेते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मान्य होता है। लेकिन आपके लिए यह भी जान लेना जरूरी है कि अगर आपने किसी एक राज्य से गाड़ी ली है और आप 12 महीने से ज्यादा वक्त से किसी दूसरे राज्य में अपनी गाड़ी के साथ रह रहे हैं तो आपको उसी राज्य में अपनी गाड़ी का फिर से रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

आज हम आपको गाड़ी के इसी रजिस्ट्रेशन नंबर से सम्बन्धित कुछ सवालों के जवाब देंगे जो शायद आपके लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो जाये |

पहला प्रश्न है की  क्या आप अपनी गाड़ी को बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के चला सकते हैं?
इसका सीधा सा उत्तर है, नहीं।

दूसरा प्रश्न है की अगर आपकी गाड़ी पर सामने और पीछे की तरफ रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होगा तो क्या आपके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?- क्या पुलिस आपकी गाड़ी जब्त नहीं कर लेगी? या क्या आपका चालान नहीं हो जाएगा?

पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर दिल्ली पुलिस मैक्सवेल परेरा के अनुसार रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना गाड़ी चलाना अपराध है और इस अपराध में पुलिस न सिर्फ आपका चालान कर सकती है, बल्कि आपकी गाड़ी को जब्त भी किया जा सकता है।

तीसरा  सबसे अहम प्रश्न  है की देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपाल सहित कई वीवीआईपी की कारों पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट आपने नहीं देखी होगी। यही नहीं विदेश मंत्रालय के अनुसार उनके पास 14 ऐसी गाड़ियां हैं, जिन पर नंबर प्लेट नहीं लगी है। इन वाहनों का इस्तेमाल विदेशी मेहमानों की आवभगत के लिए किया जाता है। ऐसे में आपके जेहन में भी ये  प्रश्न  उठता होगा  कि आखिर इन गाड़ियों को किस कानून के तहत ऐसा करने की छूट मिलती है?

तो आपकी जानकारी के लिए ता दे इसी प्रश्न के साथ हमने पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर दिल्ली पुलिस मैक्सवेल परेरा से बात की। उन्होंने दैनिक जागरण से बात करते हुए बताया कि हम आज भी ब्रिटिश सिस्टम को ढो रहे हैं। ब्रिटिश सिस्टम के तहत माना जाता था, ‘किंग कैन डू नो रॉन्ग’ मतलब राजा कुछ भी गलत नहीं कर सकता। शायद यही कारण रहा है कि आज तक राष्ट्रपति व कई अन्य माननीयों की गाड़ियों पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होता।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सभी के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर जरूरी होना चाहिए और हमें ब्रिटिश काल के हैंगओवर से बाहर निकलना चाहिए। वीवीआईपी की बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की गाड़ी से अगर किसी का एक्सीडेंट भी हो जाता है तो उसके ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई होगी न कि वीवीआईपी के खिलाफ।

माननीयों की सुरक्षा का क्या?

जहां तक माननीयों की सुरक्षा का प्रश्न है। मैक्सवेल परेरा ने दैनिक जागरण से बात करते हुए बताया कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले ही चाकचौबंद होती है। रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाने से उनकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जहां तक रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट से उनकी पहचान होने की बात है तो उनकी गाड़ी पर नेशनल एम्ब्लेम (अशोक स्तंभ) बना होता है, यह उनकी गाड़ी की पहचान के लिए काफी है।

लेकिन अब कुछ कानून में बदलाव होने वाले हैं जिसके तहत जल्द ही अन्य वाहनों की तरह इनकी गाड़ियों पर भी रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया जा चूका है।