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ये कैसी परम्परा! पिता से कराई जाती है बेटी की जबरदस्ती शादी, खबर पढ़कर रो देंगे आप

आपने आज तक दुनिया भर में अजीबोगरीब परंपराएं  हमेशा सुनी होगी जो सुनने में काफी अजीब होती है लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसा बताएंगे जिसे शादय ही आपने कभी सुना हो… कहते हैं कि हर लड़की अपने शादी के सपने देखती है. शादी के लिए लड़की अपने सपनों के राजकुमार का ख्वाब देखती है. उसके मन में अपने पति को लेकर के तरह-तरह की अपेक्षाएं रहती है… मगर तब कैसा हो जब किसी बेटी की शादी उसी के बाप से कर दी जाएं…इस आर्टिकल में आपको ऐसी ही खबर के बारे में बताएंगे, ये एक ऐसी परम्परा है जिसकी शिकार उस जगह की रहने वाली ज्यादातर लड़कियां बनती है..

यहां पिता से होती है शादी

मुस्लिमों में अपने सगे भाई बहन को छोड़कर अपने ही घर परिवार में शादी करने का रिवाज़ होता है मगर आज हम आपको मुस्लिम देश के बारे में बताएंगे जहां लड़कियों की शादी उसके पिता से करा दी जाती है. बांग्लादेश के मंडी जनजाति में सौतेले पिता से शादी की जाती है. जरा सोचकर देखिए बेटी के साथ शादी यह बात सुनने में ही इतनी बुरी लगती है तो करने में खासतौर पर उस लड़की को कितना बुरा लगता होगा..

ये परम्परा बांग्लादेश में चलन में है। बांग्लादेश के मंडी जनजाति की लड़कियां बचपन से ही अपने ही पिता से शादी करने के सपने देखने लगती हैं क्योंकि इस जनजाति में तय है कि उसकी शादी उसके पिता के साथ ही होगी।

क्यों है ऐसी परम्परा?

अब मैं आपको बताती हूं मां बेटी की एक ही पति के साथ शादी की परंपरा चलन में कैसे हैं ? दरअसल, मंडी जनजाति में शादी कम उम्र में ही हो जाती है अगर किसी औरत का पति मर जाता है तो ऐसी परंपरा है की वह औरत शादी तो कर सकती है लेकिन जिस मर्द के साथ शादी करेगी उस मर्द की शादी उस औरत की बड़ी बेटी के साथ भी कराना होगा.. शादी के समय उस बेटी की उम्र काफी कम होती है।

इसलिए बांग्कलादेश में कहा जाता है कि जब लड़की छोटी होती है तभी से ही वह मर्द उस बच्ची को अपनी पत्नी के रुप में देखने लगता है और बर्ताव भी वैसा ही करता है।  इस परम्परा की हद तो जब लगती है तब दोनों मां बेटी उस मर्द की पत्नी के रुप में एक साथ रहती है. इस जनजाति में माना जाता है कि कम उम्र का पति अपनी पत्नी और बेटी की सुरक्षा ज्यादा अच्छे से कर सकता है.

प्रथा न मानने पर मिलती है सज़ा

कुछ लड़कियां ऐसी भी होती है जो इस प्रथा का पालन नहीं करती और मना करने गलती है तो ऐसे में प्रथा से इंकार करने पर उस लड़की को सज़ा दी जाती है। या तो जबरदस्ती उससे ये परम्परा का पालन कराया जाता है या फिर समाज से बाहर कर दिया जाता है।  अब मंडी जनजाति के काफी ज्यादा लोग ईसाई धर्म को अपना चुके हैं लड़कियों को यह बात स्वीकार करने में काफी समय लगता है की उसकी मां का पति और उसका पति एक ही है.

शारीरिक संबंध के लिए मजबूर

लड़की के थोड़े बड़े होने पर खुद मां अपनी बेटी को ऐसी परिस्थिति में डालती है कि जिससे उसकी बेटी अपने सौतेले पिता के नजदीक आये और शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाए. दोनों पत्नी एक साथ एक ही घर में रहती हैं. बांग्लादेश में मंडी जनजाति के तकरीबन 20 लाख लोग रहते हैं.. ये परम्परा बहुत ही बुरी परम्परा है, सामाजिक रुप और वैज्ञानिक रुप दोनों ही तरीके से ये परम्परा गलत है।