‘रामायण’ की कैकेयी आज जी रही है ऐसी जिंदगी, हिन्दी और भोजपुरी फिल्मों में बनाई थीं अपनी अलग पहचान

अपनी दमदार एक्टिंग के बदौलत लोगों के जेहन में किसी किरदार की छाप छोड़ जाना तो भला कोई इनसे सीखे। जी हां, 90 के दशक में डीडी पर प्रसारित होने वाला सीरियल रामायण तो आपको भी याद ही होगा। रामायण के हर किरदार ने अपने अभिनय को क्या बखूबी निभाया, लेकिन इसमें भी एक किरदार ऐसा रहा, जिसकी तस्वीर देखने के बाद भी लोग उसे उसके नाम से नहीं बल्कि किरदार के नाम से ही पुकारते हैं। हम बात कर रहे हैं, रामायण के कैकयी की। कैकयी सुनते ही आपके जेहन में भी पद्मा खन्ना की वो तस्वीर तो जरूर सामने आई होगी। इस किरदार को पद्मा खन्ना ने किस डेडीकेशन के साथ निभाया इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी कैकयी के नाम से जानने लगे।

पद्मा खन्ना ने वैसे तो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 12 साल की उम्र में ही कर लिया था,  लेकिन उन्हें करियर का सबसे बड़ा ब्रेक कुछ सालों बाद 1970 में मिला। उस साल उन्हें फिल्म ‘जॉनी मेरा नाम’ में एक डांस नंबर करने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग भाषाओं की करीब 400 फिल्मों में काम किया, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में उन्हें डांसर के ही रोल मिले, फिर चाहे फिल्म ‘लोफर’ हो, ‘ जान-ए-बहार’ हो या फिर ‘पाकिजा’। पदमा खन्ना की ख्याति डांसर के तौर पर थी ।  1973 में आई फिल्म सौदागर का एक गाना ‘सजना है मुझे सजना के लिए’ ने पद्मा खन्ना को लोगों के बीच और भी ज्यादा पॉपुलर कर दिया, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

पदमा खन्ना 10 मार्च 1949 को बनारस में पैदा हुईं।  वह महज 7 साल की थीं, जब उन्होंने गुरु बिरजू महाराज से कथक की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। वैजयंती माला ने उनकी परफॉर्मेंस देखी और मुंबई में किस्मत आजमाने को कहा। वह 12 साल की थीं, जब भोजपुरी फिल्म ‘भैया’ में पहला रोल मिला। 70 के दशक में पद्मा खन्ना का खूब बोलबाला था। 70 और 80 के दशक में इन्होंने खूब अदाएं दिखाई। हिंदी ही नहीं पद्मा खन्ना ने भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया और पॉपुलर भी हुईं।

 

पद्मा खन्ना का कनेक्शन मीना कुमारी से भी है, लेकिन वो कैसे ये बात बहुत ही कम लोगों को मालूम है। दरअसल, जब मीना के पति कमाल अमरोही अपना शाहकार पाकीजा बना रहे थे। मीना कुमारी फिल्म की शूटिंग के वक्त बहुत बीमार पड़ गईं। हालत ये हो गई कि वह बेहद जरूरी शूटिंग के लिए भी मौजूद नहीं हो सकती थीं। ऐसे में पदमा खन्ना को मीना कुमारी के बॉडी डबल के तौर पर इस्तेमाल किया गया।  कैमरे के एंगल को बदला गया, चेहरा किनारे से झलक दिखलाता गुजर गया और बॉडी लैंग्वेज से ही काम चलाया गया।

90 के दशक में उन्होंने फिल्म निर्देशक जगदीश एल सिडाना से शादी कर ली। शादी के बाद ही पद्मा ने फिल्मों से दुरी बना ली उसके बाद उन्हें लगभग लोग भूल गए। शादी के बाद वो अमेरिका में जा बसी वहां पर एक डांस अकादमी खोली जहां पर वो हर उम्र के लोगों को डांस सिखाया करती हैं। पद्मा खन्ना के पति के देहांत के बाद वो बिल्कुल अकेली हो गईं। उनके दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी।