कमरे से आ रही थी दर्दनाक चीखने की आवाजे ,लोगो को लगा हो रही है डिलीवरी,अंदर जाकर देखा तो निकल गयी सबकी चीखे

आज के समय में लोगो के अन्दर इंसानियत नाम की चीज तो जैसे बची ही नहीं है और कुछ इन्सान तो इतने  हैवान बन चुके है जिसकी कोई सीमा नहीं है |एक इन्सान दुसरे इन्सान की हत्या करने में जरा भी नहीं डरता |आज हम आपको एक ऐसी ही जघन्य घटना के बारे में बताने वाले है जिसे जानकर आपकी भी रूह काँप उठेगी |बता दे इस मामले में हत्यारों ने एक या दो नहीं बल्कि एक साथ घर के हार सदस्यों की बड़ी ही बर्बरता से हत्या कर दी है जिसे बाद जिसने भी इस इन चार लाशों को देखा वो जैसे सहम सा गया |

दरअसल ये मामला है  का जहाँ पर में एक ही परिवार को चार लोगों की कुछ  अज्ञात लोगों ने फावड़ा से वार कर  बीती रात नृशंस हत्या कर दी गई|मिली जानकारी के मुताबिक मरने वालों में माता-पिता सहित दो बच्चे शामिल हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में यह वारदात हुई। यहां स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ महिला माया साहू सहित उनके पति चेतन साहू और दोनों बच्चों तन्मय और कुणाल की धारदार हथियार से हत्या कर दी।

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चेतन रायपुर का रहने वाला है और पत्नी योगमाया गृह ग्राम आरंग है। दोनो का विवाह 2008 में हुआ था। चेतन 2013 से 2016 तक ओम हॉस्पीटल रायपुर में नौकरी करता था।और वही दो साल पहले जुलाई 2016 में माया की नौकरी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम पोस्ट पर लग गई थी जिसके  बाद से दोनों रायपुर छोड़कर पिथौरा में ही अपने  परिवार के साथ रह रहे थे।

जानकारी के मुताबिक मृतक माया साहू अपने परिवार के साथ किशनपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र में ही निवास करते थे।पुलिस के मुताबिक, किशनपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम योगमाया साहू, पति चैतन्य और उनके बच्चे तन्मय व कुणाल बीती रात खाना खाकर हॉस्पिटल में बने सरकारी क्वार्टर में सोए थे। सुबह जब पुलिस पहुंची तो घर का मंजर देखकर हैरान रह गई क्योंकि पूरा घर में चारों की लाशें बुरी तरह खून से लथपथ अवस्था में पड़ी हुई थी। इसके अलावा घर का सामान भी बिखरा पड़ा हुआ था।

इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। रायपुर रेंज आईजी प्रदीप गुप्ता ने इस मामले में बताया की रात में ही अज्ञात लोगों ने पूरे परिवार की हत्या कर दी। इस वारदात को देखते हुए ऐसा लग रहा है की इस घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने किसी  भारी भरकम औजार के साथ धारदार हथियार इस्तेमाल किया था जिसकी वजह से मृतकों के घर में चारो तरह खून बिखरा हुआ था और लाश इधर उधर पड़ी थी |

इस वारदात के बाद जब मृतक परिवार के घर काम करने वाली नौकरानी सुबह आई तो घर में टला लगा था लेकिन उसके पास एक चाभी थी जिससे वो घर के गेट को खोलकर अंदर गयी लेकिन वहाँ जब वो परिवार वालों की लाशे इस हालत में देखि तो चीखने चिल्लाने लगी जिसके बाद आसपास के लोग भी इकठ्ठा हो गये और जब लोगो ने घर में जाकर देखा तो कमरे में चारों परिवार की लाश बिखरी पड़ी थी जिसे देखते ही लोग सन्न रह गये |

जिसके बाद तत्काल पुलिस को जानकारी दी गयी है हालाँकि अब तक घटना के पीछे कोई रंजिश अथवा डकैती की नीयत है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।आईजी ने बताया देर रात मकान में शोर शराबा की आवाज बाहर तक सुनाई पड़ रही थी और  कुछ पड़ोसियों नेये आवाज भी सुनी थी लेकिन स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण यहां कई बार डिलीवरी के लिए भी लोग आते थे, ऐसे में पड़ोसियों ने इस आवाज को जच्चा-बच्चा का मामला समझ कर ध्यान नहीं दिया।

वही पुलिस के मुताबिक यह भी जानकारी मिली है की मृतका के घर में दो सीसीटीवी लगे हुए थे जिसमे से एक  तो अस्पताल के बाहर लगा हुआ था और दूसरा इनके  घर के भीतर बरामदे में,  लेकिन वारदात के समय ये दोनों ही कैमरे बंद पड़े थे क्योंकि बीते बुधवार को तेज आंधी के चलते घर में बिजली नहीं आ रही रही |अगर ये कैमरे सही होते तो शायद इस मामले में आरोपियों को ढूँढना इतना मुश्किल नहीं होता |

वही इस वारदात को देखते हुए आईजी ने बताया पुलिस कमरे में लूटपाट या डकैती या चोरी के बिंदुओं में भी छानबीन कर रही है। रायपुर से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ डॉग स्क्वायड के मेंबर महासमुंद पिथौरा के लिए रवाना कर दिए हैं।स्थिति को देखकर यह भी प्रतीत होता है कि कोई परिवार का करीबी सदस्य वारदात के पीछे हो सकता है। परिवार में कोई पुरानी रंजिश तो नहीं थी, इन आशंकाओं को भी पुलिस तलाश रही है।