भगवान के मंदिर से मूर्ती चुराने के बाद चोर के साथ कुछ ऐसा घटा की मंदिर में वापिस छोड़ आया मूर्ती और मांगी माफ़ी

आये दिन हमें अपने आसपास से कोई ना कोई अजीबो गरीब घटनाएं सुनने को मिलती ही रहती हैं. आज हम आपको एक ऐसी विचित्र घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक चोर से साथ घटित हुई है. जी हाँ एक चोर ने भगवान के मंदिर से उनकी मूर्ती चुरा ली लेकिन उसके बाद उस चोर के साथ जो हुआ वो बेहद चौंका देने वाला है क्यूंकि चोर के साथ कुछ ऐसी घटनाएं घटित हुई जिसने उसे फिर से उस मूर्ती को वापिस मंदिर में रखने के लिए मजबूर कर दिया. आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं की आखिर मंदिर से भगवान की मूर्ती चुराने के बाद उस चोर के साथ ऐसी कौन सी घटनाएं घटी जिसने उसे फिर से मूर्ती को वापिस मंदिर में रखने के लिए मजबूर कर दिया.

आपको बता दें की ये घटना राजधानी दिल्ली से सटे हमीरपुर कानपूर नेशनल हाईवे पर स्थित स्वामीनारायण मंदिर की है जहाँ बीते दिनों मंदिर परिसर में चोरी होगयी और चोर स्वामीनारायण की सोने की मूर्ती भी चुरा कर ले गए. लोग अपने घरों में तो चोरियों से बचने के लिए तमाम तरह के सुरक्षा के इंतजामात करते ही हैं लेकिन अब मंदिर से जब कोई मूर्ती तक चुरा ले जाए तो फिर ऐसे में आप क्या कहेंगे.

जी हाँ घर में चोर चोरी करते ही हैं अब उन्होनें मंदिरों को भी नहीं छोड़ा लेकिन इस बार मंदिर से स्वामीनारायण की मूर्ती चुराने के बाद इस चोर के साथ जो हुआ वाकई में हैरान कर देने वाला है. आपको बता दें की जिस चोर ने स्वामीनारायण के मंदिर से मूर्ती चुरायी थी उसके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद उसने खुद ही स्वामीनारायण की मूर्ती मंदिर में फिर से स्थापित भी आकर दी और माफ़ी भी मांगी है. असल में मूर्ती चुराने के कुछ दिनों के बाद ही इस चोर के जवान बेटे की मौत होगयी और उनके कुछ दिनों के बाद ही उसकी बीवी की मौत होगयी.

बता दें की इस चोर ने जब से मूर्ती चुराया उसके बाद से लेकर अभी तक उसके परिवार में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं होती गयी जिसने उस चोर के पूरे परिवार को ही बिखेर कर दिया. इसके बाद चोर को एहसास हुआ की असल में उसके साथ ऐसा इसलिए हो रहा है क्यूंकि उसने स्वामीनारायण मंदिर से स्वामीनारायण की मूर्ती चुरायी थी. इसके बाद उसने फैसला किया की वो वापिस से मंदिर जाकर स्वामिनारायण की मूर्ती उसी मंदिर में रखकर आएगा और उसने ऐसा किया भी, इतना ही नहीं उस चोर को अपने किये पे काफी पछतावा हुआ और उसने इश्वार के साथ ही साथ मंदिर के पुजारी से भी माफ़ी मांगी और कहा की उसे उसकी किये की सजा मिल चुकी है देखते ही देखते उसके पापों की सहज उसके परिवार को मिली और आज उसके साथ कोई भी नहीं मौजूद है. चोर ने बताया की उसने जिसके लिए ये चोरी की थी उन्हीं लोगों ने दुनिया छोड़ दी और अब वो पैसों का क्या करेगा. ये उसका किया पाप ही है जिसकी सजा इस तरह से भगवान ने उसे दी है.