RSS से मिले न्योते पर बोले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब, दिया ऐसा जवाब कि कांग्रेस में मच गया हड़कंप

दोस्तों भारत के 13वे और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को तो आप सभी जानते ही हैं. जब वे राष्ट्रपति पद पर विराजमान थे तो उनका काम काफी सराहनीय रहा था. शायद यही वजह हैं कि आरएसएस (राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ) ने उन्हें अपने नागपुर में 7 जून को होने वाले शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में बतौर मुख्या अतिथि आने का निमंत्रण दिया हैं. ऐसे में इस निमंत्रण से कांग्रेस को काफी मिर्ची लगी हैं और उनमे काफी असंतोष दिखाई दे रहा हैं. इस वजह से इस मुद्दे ने पिछले कुछ दिनों पर कुछ ज्यादा ही तूल पकड़ लिया था.

वहीँ इन सबके बीच आखिर प्रणब ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ दी हैं. उन्होंने कहा कि मुझे जो कुछ भी कहना होगा वो मैं 7 जून को नागपुर के कार्यक्रम में जाकर ही कहूँगा. इस बात से ये पक्का हो गया हैं कि उन्होंने आरएसएस के इस न्योते को स्वीकार कर लिया हैं. इस मामले पर उन्होंने एक बंगाली भाषी न्यूज़पेपर से बातचीत करी और कहा कि ‘इस मसले को लेकर मुझे कई ख़त आए, बहुत फोन कॉल्स भी आए. लेकिन मैंने किसी से कुछ नहीं कहा. मुझे अब जो कुछ भी कहना होगा वो मैं नागपुर जाकर ही कहूँगा.’

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने खुद इस कार्यक्रम के लिए प्रणब को निमंत्रण भेजा था. प्रणब ने जब इसे स्वीकार कर लिया तो अन्य रजिनिक पार्टियों में हड़कंप मच गया हैं. प्रणब के इस फैसले से कई कांग्रेसी नेताओं ने अपनी नाराजगी जताई हैं. यहाँ तक कि वे प्रणब को इस संघ के कार्यक्रम में जाने पर दुबारा विचार करने तक को कह चुके हैं. इस मामले पर सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी का कहना हैं कि आरएसएस ने चाहे उन्हें इस कार्यक्रम का न्योता दे दिया हो लेकिन उन्हें वहां जाना नहीं चाहिए.

वहीँ पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने भी इस पर पानी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी ऐसे ही आरएसएस का निमंत्रण स्वीकार नहीं कर सकते हैं. उन्हें इस पर पुनः विचार करना चाहिए. वे प्रणब से विनती करेंगे कि यदि वे नागपुर के इस कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां आरएसएस कि कमियों को भी लोगो के सामने रखे.

इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सी. के. जाफर ने भी इस मसले पर प्रणब को एक ख़त लिखा और इस दौरे को रद्द करने की बता कही. उन्होंने इसमें लिखा कि ‘मुझे तो ये समझ नहीं आ रहा कि प्रणब की वहां जाने की ऐसी भी क्या मजबूरी हैं.’

उधर आरएसएस का इस पुरे मामले पर कहना हैं कि संघ के ऐसे कार्यक्रमों में अच्छी विचारधरा के लोगो को बुलाने का एक पुराना इतिहास हैं. अब तक आरएसएस के संघ कार्यक्रमों में महात्मा गांधी, बीआर आंबेडकर, जयप्रकाश नारायण और पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम जैसे बड़ी हस्तियाँ पधार चुकी हैं.

बता दे कि प्रणब के आरएसएस के इस कार्यक्रम में जाने से कांग्रेस और अन्य सेकुलर खमो को भारी नुकसान पहुँच सकता हैं. अब ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि 7 जून को नागपुर के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी क्या क्या कहते हैं.