जाने आखिर क्यों पूजा करते समय स्त्री और पुरुष दोनों ही ढक लेते है अपना सिर

हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार हिन्दू धर्म में पूजा पाठ का काफी महत्व होता है. जी हां कुछ लोग अपनी मन्नते पूरी करने के लिए पूजा पाठ करते है, तो कुछ लोग ऐसे भी होते है, जो अपने मन को शांति पहुँचाने के लिए पूजा पाठ का सहारा लेते है. इसके इलावा हिन्दू मान्यता के अनुसार जब व्यक्ति पूजा पाठ करता है और ईश्वर का ध्यान करता है, तो उसे कई देवी देवताओ का आशीर्वाद मिलता है. यही वजह है कि हिन्दू धर्म के अनुसार किसी भी शुभ अवसर पर पूजा पाठ करना बेहद जरुरी होती है, क्यूकि इसके बिना कोई भी शुभ अवसर या नया काम अधूरा सा माना जाता है. यहाँ तक कि पूजा पाठ करने से व्यक्ति के कई पाप भी नष्ट हो जाते है.

यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो कुछ लोग अपने पापो से मुक्ति पाने के लिए भी पूजा पाठ करते है. बरहलाल पूजा पाठ करने से व्यक्ति की बहुत सी इच्छाएं भी पूरी हो जाती है. इसलिए हिन्दू धर्म में हर देवी देवता की पूजा जरूर की जाती है. अब यूँ तो हर व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार अलग अलग देवी देवताओ की पूजा करता है, लेकिन सब के मन में श्रद्धा तो एक जैसी ही होती है. जी हां तभी तो व्यक्ति भले ही किसी भी देवी देवता की पूजा क्यों न करे लेकिन पूजा करने से व्यक्ति को लाभ जरूर होता है. बरहलाल आपने भी कई बार बहुत से लोगो को घर में या मंदिर में पूजा करते हुए देखा होगा.

 

वैसे अगर आपने गौर किया हो, तो पूजा के समय हर व्यक्ति अपना सिर किसी न किसी कपड़े से जरूर ढक लेता है. जी हां ऐसे में भले ही लड़का हो या लड़की, लेकिन हर कोई अपना सिर ढक कर ही पूजा करता है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर पूजा के समय में लोग अपना सिर क्यों ढक लेते है. यक़ीनन इसके पीछे भी कोई बड़ा कारण छिपा हुआ है. अब यूँ तो पूजा के समय ज्यादातर स्त्रियां ही अपने सिर ढक कर पूजा करती है और पुरुष कभी कभी ही अपना सिर ढकते है, लेकिन फिर भी बहुत से पुरुष ऐसे होते है, जो अपना सिर ढक ही लेते है. शायद उन्हें भी मालूम है कि पूजा करने का सही तरीका क्या होता है.

गौरतलब है कि जब महिलाओ के सामने कोई बड़ा बुजुर्ग आता है तो वो उन्हें सम्मान देने के लिए अपना सिर ढक ही लेती है. इसका मतलब ये है कि भगवान् के सामने सिर ढक कर हम उन्हें सम्मान दे रहे है. इसके इलावा ऐसा करने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण भी है. जी हां इसके बारे में पुजारी जी का कहना है कि स्त्री हो या पुरुष लेकिन पूजा के समय सिर ढकने से दोनों को ही लाभ मिलता है. तो चलिए आपको इससे मिलने वाले लाभ के बारे में भी बताते है.

१. ऐसा माना जाता है, कि पूजा के समय सिर ढकने से व्यक्ति के मन की शांति बनी रहती है और इससे व्यक्ति के मन में क्रोध नहीं आता. इससे सिर दर्द भी कम होता है और आँखों की रौशनी भी बढ़ती है. यही वजह है कि सिर ढकने की परम्परा काफी पुराने समय से चली आ रही है. यहाँ तक कि कई जगहों पर तो पुरुष पूजा के समय अपने सिर पर पगड़ी ही बाँध लेते है.

२. इसके इलावा हवा में कई तरह के सूक्ष्म कीटाणु होते है, जो हमारे बालो में चिपक सकते है. यह कीटाणु हमारे स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा सकते है. इसलिए सिर ढकना हमारे स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है.

३. आपको जान कर हैरानी होगी कि सिर ढकने से आपको बालो की कई समस्याओ से भी निजात मिल सकता है.

बरहलाल हमें यकीन है कि इसे पढ़ने के बाद अब से आप भी पूजा के समय अपना सिर जरूर ढक कर रखेंगे.