कैंसर से भी उठ खड़ा हुआ बीजेपी नेता ,नाक में ड्रिप लगाकर काम देखने निकले, लोगो ने बांधे तारीफों के पुल

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर कैंसर से जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं लेकिन फिर भी वो अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। वो बेहद कमजोर हैं और काफी ज्यादा बीमार हैं लेकिन जिस तरह से वो अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं वो सराहनीय है|बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री इस समय अग्नाशय कैंसर जैसी गंभीर बिमारी से जूझ रहे हैं लेकिन फिर भी वो अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में समय लगेगा लेकिन फिर भी वो अपने कामों को लेकर सक्रिय बने हुए हैं उनकी गतिशीलता में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।

16 दिसंबर को वो अपने आवास  से कार में निकले थे और अचानक कार रुकवा कर गोवा में बन रहे जुआरी ब्रिज और तीसरे मांडवी ब्रिज का जायजा लेने लगे। इससे जुड़ी उनकी एक तस्वीर न्यूज़ एजेंसी ने जारी की और इस हालिया तस्वीरों में मनोहर पर्रिकर बेहद ही कमजोर और दुबले नजर आ रहे हैं। लेकिन अपने काम के प्रति जवाबदेह गोवा के मुख्यमंत्री नाक में ड्रिप लगाकर (राइस ट्यूब) भी अपने काम को बड़ी ही शिद्दत के साथ कर रहे हैं।दरअसल, पर्रिकर गोवा में बन रहे जुआरी ब्रिज का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने मांडवी ब्रिज का भी निरीक्षण किया। तस्वीरों में यह साफ़ देखा जा सकता है कि पर्रिकर को चलने में भी परेशानी हो रही है। उनके साथ मौजूद लोग चलने में उनकी मदद कर रहे हैं।

मीडिया  द्वारा जारी की गई तस्वीर में मनोहर पर्रिकर राज्य के पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ काम के बारे में बात करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में पर्रिकर के नाक से दवा की एक पाइप निकली दिख रही है। बीमारू हालत में भी सीएम पर्रिकर काफी सक्रीय नजर आ रहे हैं। जिस तरह की कार्यशैली के लिए बाह जाने जाते हैं यहाँ वह उसी तरह काम करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ब्रिज के ऊपर से ट्रैफिक के हालत का भी जायजा लिया।बीमारी के बाद पर्रिकर की जो तस्वीरें सामने उनमें वह अस्पताल में होते थे या घर में होते थे। लेकिन एक लम्बे अरसे के बाद पर्रिकर सक्रीय नजर आए हैं।

ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गयी जिसके बाद बहुत सारे लोग उनकी प्रशंसा भी कर रहे हैं जबकि बहुत सारे लोगों का यह भी कहना है कि उन्हें आराम करना चाहिए  तो वहीँ  राजनीतिक पार्टियों ने बीजेपी पर सत्ता के लिए पर्रिकर पर दबाव बनाकर काम करवाने की बात कही जबकि वास्तविकता ये है कि मनोहर पर्रिकर डॉक्टर के परामर्श के बावजूद अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। उन्हें अपनी तबियत से ज्यादा जनता और राज्य की परवाह है। डॉक्टर की सलाह के बावजूद वो कभी हॉस्पिटल से तो कभी अपने आवास से कार्यभार संभाल रहे हैं।

शनिवार को पर्रिकर ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री की मौजूदगी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के गोवा कैंपस की आधारशिला का शिलान्यास किया। अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए उन्होंने यह जानकारी दी।ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बनने जा रहे इस कैंपस से गोवा की तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि इस इंस्टीट्यूट की 40 फीसदी सीटें गोवा के छात्राओं-छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी।

गंभीर बीमारी में भी अपने राज्य के प्रति उनकी चिंता समर्पण भावना और प्रतिबद्धता का एक बेहतरीन उदाहरण है। शायद यही वजह होगी कि गोवा की जनता हो या राजनीतिक दल सभी पर्रिकर को इतना पसंद करते हैं। ट्विटर पर उनकी तस्वीर पर जनता के रिएक्शन भीउनकी सराहना में है और उन्हें अपना ख्याल रखने की बात कह रहे हैं।