मौनी अमावस्या पर प्रयाग कुंभ का भारत को तोहफा, इस मामले में चीन-जापान को हराया

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं इन दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला चल रहा हैं. 15 फ़रवरी को शुरू हुए इस कुंभ मेले में शामिल होने के लिए देश विदेश से रोजाना करोड़ो लोग आ रहे हैं. यह कुंभ 4 मार्च तक चलने वाला हैं. इस कुंभ में आए तरह तरह के बाबा आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. लेकिन इन बाबाओं के अलावा यहाँ शाही स्नान का भी बड़ा महत्त्व होता हैं. प्रयाग कुंभ का पहला शाही स्नान 15 फ़रवरी को हुआ था जहाँ लगभग 1.5 करोड़ लोगो ने एक ही दिन में डूबकी लगाईं थी. ऐसे में कल यानी कि 4 फ़रवरी मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में दूसरा शाही स्नान था. ऐसे में इस शाही स्नान का हिस्सा बनने के लिए भी देश विदेश से कई लोग आए.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में 5 करोड़ से भी ज्यादा लोगो ने डुबकी लगाईं हैं. इस वजह से प्रयागराज दुनियां का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया. ये रिकॉर्ड चाहे एक दिन के लिए ही बना हो लेकिन प्रयागराज ने दुनियां को बता दिया कि भारत के लोग कितने ज्यादा धार्मिक हैं. अपने इस रिकॉर्ड से प्रयागराज ने 10 बड़े शहरों को हराया जिसमे जापान का टोक्यो, चीन का शंघाई और अमेरिका का न्यूयॉर्क शहर भी शामिल हैं. सोमवार के दिन प्रयागराज में लोगो की आबादी चीन के शंघाई शहर की आबादी (2.44 करोड़) से दुगुनी रही. वहीँ जापान का टोक्यो शहर जिसकी आबादी 3.81 करोड़ हैं उसे भी प्रयागराज ने मात दे दी.

बताते चले कि दुनियां की सबसे ज्यादा आबादी वाले टॉप 10 शहरों में भारत के दो और शहर भी शामिल हैं. इसमें वर्तमान में दिल्ली दुसरे नंबर पर हैं तो मुंबई चौथे नंबर पर हैं. उधर सोशल मीडिया पर लोगो को जब इस रिकॉर्ड के बारे में पता चला तो वे ख़ुशी से उछल पड़े. खासकर धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले लोगो में इसका ख़ास उत्साह देखा गया. प्रयागराज कुंभ ने साबित कर दिया कि आज भी देश विदेश में कितने सारे लोग हैं जो हिन्दू धर्म के प्रति आस्था रखते हैं और इस दिलचस्प आयोजन को दिल से सेलिब्रेट करते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कुंभ में शाही स्नान वाले दिन के आलवा भी बाकी दिनों में काफी भीड़ रहती हैं. ऐसे में यहाँ के प्रशासन ने आने जाने वाले लोगो को लेकर कई सारी व्यवस्था कर रखी हैं. इसके साथ ही यहाँ की साफ़ सफाई और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा हैं. कुंभ में जो भी आता हैं स्नान किए बिना वापस नहीं जाता हैं. शाही स्नान वाले दिन तो सबसे पहले स्नान करने का मौका यहाँ आए कुछ प्रमुख 13 अखाड़े के साधू संतो को मिलता हैं. इसके बाद आम लोगो को स्नान करने दिया जाता हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि कुंभ में शाही स्नान करने से आपके सभी पाप धुल जाते हैं और आपका भाग्य भी उज्वल होता हैं. यही वजह हैं कि यहाँ एक डुबकी लगाने के लिए दूर दूर से करोड़ो लोग आते हैं.

दोस्तों वैसे आप लोगो का कुंभ मेले का अनुभव कैसा रहा हमें कमेन्ट में जरूर बताइएगा.