IAS और IRS अधिकारी ने बेहद ही सादगी से कोर्ट में शादी कर समाज को दिया ये नेक सन्देश

समय की सीमा रेखा दिखावे की आँधी में इतनी आगे बढ़ चुकी है और अब बस आने वाले तूफान की और इशारा कर रही है |उच्च वर्ग के लोग आजकल छोटी -मोटी पार्टियाँ भी बहुत ही शानो -शौकत से मनाते है फिर चाहे वह बर्थडे पार्टी हो या शादी की सालगिरह की पार्टी |शादी की धूमधाम के बारे में तो उनके कहने की क्या ?वही साधारणतया देखा जाये तो उच्च वर्ग के लिए ये सारे इंतजाम करना स्टेट्स सिंबल है तो आसन भी है ,लेकिन माध्यम वर्ग के लिए ये सब मात्र एक मजबूरी बनकर रह गया है |

दिखवा करना मनुष्य की सहज प्रवृति है पर मध्यमवर्गीय लोग ,निम्नवर्ग व् उच्च वर्ग के बीच सदा पिसता रहा है उसे अपने स्टेट्स को मेंटेन करने की चिंता सबसे अधिक सताती है और वो अपनी हैसियत के बाहर जाकर कर्ज़ा करके हर एक काम करता है और जिंदगी का बहुत सारा समय आर्थिक और मानसिक स्तर पर कमज़ोर होकर तनाव में बिताता है |नतीज़ा ये होता है मध्यम वर्ग मानसिक ,शारीरिक व आर्थिक के साथ भौतिक स्तर पर भी खोखला होता चला जाता है |

एसी खुशियाँ जो क़र्ज़ की नीवं पे राखी गई हो न तो नवदंपत्ति को ही खुशियाँ दे पति है और न ही माता पिता को |क़र्ज़ लेकर बिताये कुछ सुखद के क्षण मात्र क्षण भर में गायब हो जाते है  और जीवन भर कष्ट देते है लेकिन  हमारे समाज में कुछ लोग ऐसे  भी  है जो शादियों में होने वाले इन फिजूल खर्चों  पर लगाम लगाने के लिए लोगो के बीच जागरूकता फ़ैलाने का काम भी कर रहे है ताकि शादियों में होने वाले फिजूल खर्चों पर रोक लगाया जा सके और लोग बेहद साधारण तरीके से शादी जैसे पवित्र रिश्ते में बंध जाएँ  और किसी को कोई कष्ट भी ना झेलना पड़े |

हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जिंदगी में ऊंचे मुकाम हासिल कर चुके एक जोड़े ने सादगी भरे अंदाज में शादी कर समाज के सामने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।  आईएएस और आईआरएस जोड़े  ने तहसील में पहुंचकर कोर्ट मैरिज की है। कोर्ट मैरिज करने का सबसे बड़ा कारण समाज में फिजूलखर्ची रोकने के लिए यह प्रयास है।आईआरएस राजस्थान के डर से रंजना और आईएएस यूपी कैडर से नवीन चंद्र ने एक सफल और एक अच्छा प्रयास कर समाज में बिना दान दहेज के शादी करने का बीड़ा उठाया है।

इस मामले में दंपति तहसील परिसर में पहुंचकर अपने शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, रजिस्ट्रेशन के बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर समाज में एक अच्छा संदेश दिया है। नव दंपति ने कहा कि शादी में फिजूलखर्ची खर्ची का मामला लगातार ज्यादा चल रहा है।इसी की रोकथाम के लिए बिना दान दहेज के दोनों ने अपनी रजामंदी व परिवार की सलाह मशवरा के बाद कोर्ट मैरिज की है। गाजियाबाद में एक नव दंपति ने कोर्ट मैरिज कर एक अच्छा प्रयास किया है। दोनों ही नव दंपति आईएएस व आईआरएस के पद पर तैनात हैं।

गौरतलब है की  इस नव दंपत्ति ने अपने शादी में फिजूल खर्च होने वाले पैसों  से  समाज के दबे-कुचले वर्ग के लोगों के लिए कोई काम करेंगे। वहीं आईआरएस अधिकारी अंजना कुमारी ने कहा कि उनकी पहले से प्लानिंग थी कि शादी बिल्कुल सादगी से करेंगी और समाज में फिजूलखर्ची को रोकने का संदेश देंगे।

बिना दान दहेज के कोर्ट मैरिज कर शादी करने के मामले में समाज को एक अच्छा संदेश देने का भी प्रयास किया गया है। क्योंकि गरीब कन्याओं की शादी दान दहेज की वजह से नहीं हो पाती ।अगर हो भी जाती है तो आने वाले कुछ समय में दिक्कतों का सामना लगातार करना पड़ता है।इसी वजह से समाज में संदेश देने के लिए कोर्ट मैरिज कर यह दिखाया गया है कि जब एक संपन्न परिवार के दो बड़े अधिकारी बिना दान दहेज के कोर्ट मैरिज कर सकते हैं, तो समाज में रहने वाले कमजोर तबके के लोग क्यों नहीं कर सकते।