कभी इस अनाथ को दो वक़्त की रोटी भी नहीं होती थी नसीब, आज देता हैं टाइगर श्राफ को ट्रेनिंग

एक बहुत ही मशहूर कहावत हैं “आप उस इंसान को कभी नहीं हरा सकते जो कभी हार नहीं मानता हैं.” यदि आप लाख मुसीबतों और असफलताओं के बाद भी जीवन में पॉजिटिव सोच के साथ बढ़ते रहते हैं तो आप एक दिन सफलता का स्वाद जरूर चखते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति की कहानी बताने जा रहे हैं जो एक बहुत छोटे से गाँव से ताल्लुक रखता हैं और अनाथो की जिंदगी भी व्यतीत कर चूका हैं. लेकिन इस सबके बावजूद आज वो इस मुकाम पर हैं कि बॉलीवुड के कई बड़े सितारों को ट्रेनिंग देता हैं. ये कहानी हैं ओढ़ीसा के अंतरीगाम गाँव के रहने वाले विक्रम स्वेन की.

विक्रम मशहूर बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्राफ का पर्सनल ट्रेनर हैं. लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने के लिए विक्रम ने बहुत संघर्ष भी किया हैं. पिता के होने के बावजूद कुछ कारणों के चलते विक्रम और उसके छोटे भाई को अनाथालय में रहना पड़ा. विक्रम जब 9 साल का था तो वो एक पार्क में काम करने लगा. यहाँ उसे महीने के सिर्फ 400 रुपए ही मिलते थे. इन पैसो से वो अपने 3 सालके भाई की देख रेख भी करता था.

विक्रम के ऐसे छोटे गाँव से आता हैं जहाँ कुछ साल पहले तक बिजली भी नहीं हुआ करती थी. विक्रम अपने छोटे भाई को पढ़ाना लिखाना चाहता था. इसलिए 13 साल की उम्र में वो गुजरात के सूरत शहर आ गया. यहाँ उसने एम्ब्रोईडी का काम सिखा. इसके बाद अपनी किस्मत आजमाने के लिए विक्रम सपनो की नगरी मुंबई आ गया. यहाँ उसने साउथ मुंबई में कार साफ़ करने का काम शुरू कर दिया. इस दौरान उसने एक ड्राईवर को अपना दोस्त बना लिया और ये दोनों हर रविवार घुमने के लिए जुहू बीच जाया करते थे. ऐसे में यहाँ विक्रम की नज़र एक ग्रुप पर पड़ी जो जिमनास्टिक की प्रैक्टिस किया करते थे. विक्रम को इसमें दिलचस्पी पैदा हुई और उसने इन लोगो का ग्रुप ज्वाइन कर लिया.

अब विक्रम हर रविवार बीच पर जाकर इन लोगो के साथ अभ्यास करने लगा. विक्रम इस चीज को लेकर इतना उत्साहित रहता था कि उसने एक रविवार भी अपना अभ्यास मिस नहीं किया. इस तरह वो डांस और स्टंट की कला में माहिर हो गया. फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि विक्रम की जिंदगी में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट आया. दरअसल जब विक्रम अपना अभ्यास बीच पर कर रहा था तो वहां टाइगर श्राफ भी घूम रहे थे. टाइगर की नज़र विक्रम पर गई और वो उससे काफी इम्प्रेस हो गए. उन दिनों टाइगर बॉलीवुड में एंट्री करने की तैयारी कर रहे थे. ऐसे में उन्होएँ विक्रम को अपने यहाँ जॉब ऑफर की और उनकी बॉलीवुड की पहली फिल्म के लिए ट्रेन करने को कहा.

टाइगर ने विक्रम को एक मोबाइल फोन भी दिया जिससे वो उनसे बातचीत करता रहता था क्योंकि उस समय विक्रम को हिंदी या अंग्रेजी नहीं आती थी. लेकिन उसके टेलेंट के बीच ये भाषा नहीं आई. उसने टाइगर श्राफ को तराई करने में जी जान एक कर दी. साथ ही टाइगर की अन्य सुविधाओं से उसने डांस के और भी कई तरह के फार्म में महारत हासिलकर ली. अब आलम ये हैं कि विक्रम सिर्फ टाइगर श्राफ को ही नहीं बल्कि सूरज पंचोली (पिता आदित्य पंचोली) और आथिया शेट्टी (पिता सुनील शेट्टी) जैसे स्टार किड्स को भी ट्रेनिंग देने लगा. डांस ट्रेनिंग के अलावा विक्रम अहमद खान के साथ किक, फैंटम, हीरो, आल इज वेल जैसी फिल्मों में बतौर असिस्टेंट भी काम कर चूका हैं.

एक वक़्त था जब विक्रम को ये नहीं पता था कि उसे दो वक़्त की रोटी मिलेगी भी या नहीं और आज वो बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों को ट्रेनिंग दे रहा हैं. बॉलीवुड में कमाए पैसो से विक्रम ने घर वालो के लिए अपने गाँव में एक मकान भी खरीद लिया हैं. साथ ही वो से अपने छोटे भाई को एमबीए करवा रहा हैं. विक्रम और उसके जज्बे को हमारा दिल से सलाम.