सर्जिकल स्ट्राईक 2.0 – मसूद अजहर के पुरे कुनबे को बनाया था निशाना, ख़त्म हुए ये करीबी रिश्तेदार

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं आज सुबह से ही भारत में जश्न का माहोल हैं. इसकी एक बड़ी वजह ये हैं कि हमारी भारतीय वायु सेना ने पुलवामा में 14 फरवरी को शहीद हुए सभी जवानों की शहादत का बलदा ले लिया हैं. गौरतलब हैं कि 26 फरवरी की सुबह 3:30 बजे इंडियन एयरफोर्स के 12 मिराज 2000 विमानों ने पाकिस्तान में घुस सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट 2 को अंजाम दिया. इस मिशन में IAF ने मुख्य रूप से बालाकोता, चकोठी और मुजफ्फराबाद में बमबारी की हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन जगहों पर करीब 1000 किलोग्राम बम गिराए गए हैं. इस दौरान करीब 300 से ज्यादा उपद्रवियों के ढेर होने की खबर हैं. आईएएफ के विमानों ने यहाँ धावा बोल ना सिर्फ दुश्मनों को ठिकाने लगाया बल्कि उनके कई कैम्पस भी बर्बाद कर दिए. इनमे जैश ए मोहम्मद का मुख्य अल्फ़ा 3 कंट्रोल रूम भी शामिल था. साथ ही इस संगठन के कई लांचपेड भी तबाह किए जाने की खबर हैं.

मसूद अजहर के इन रिश्तेदारों को किया था टारगेट

अभी अभी ये भी जानकारी मिली हैं कि इस हमले में जैश ए मोहम्मद संगठन के मुखिया मसूद अजहर के तीन करीबी रिश्तेदार भी ढेर हुए हैं. दरअसल बालाकोट में जैश के जिस मुख्य कैंप को निशाना बनाया गया था वहां मसूद के ये रिश्तेदार भी मौजूद थे. इनमे मसूद अजहर का बड़ा भाई इब्राहिम अजहर, छोटा भाई मौलाना तल्हा सैफ और उसका साला युसूफ अजहर भी शामिल हैं. बता दे कि युसूफ 1999 में भारतीय विमान आईसी 814  को हाईजेक करने में भी शामिल था. मसूद के तीन करीबी रिश्तेदारों को ठिकाने लगाने के बाद एक बात तो तय हैं कि जैश के इस मुखिया को बहुत बड़ा झटका लगा हैं. इतना ही नहीं खबर तो ये भी मिल रही हैं कि आईएएफ विमानों की एयरस्ट्राइक के बाद मसूद ने डर के मारे अपनी वर्तमान लोकेशन भी चेंज कर ली हैं.

कश्मीर ऑपरेशन के हेड को भी नहीं छोड़ा

जैसा कि आप सभी जानते हैं ये सभी उपद्रवी संगठन हमेशा कश्मीर को ही निशाना बनाते हैं और यहाँ सबसे ज्यादा अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं. ऐसे में 26 फरवरी को बालाकोट पर गिराए बमो की वजह से कश्मीरी ऑपरेशन का हेड मुफ़्ती अजहर खान भी खत्म हुआ हैं. ऐसे में हम इसे भारत की एक और बड़ी कामयाबी कह सकते हैं.

पाकिस्तान को सबूत देने के बाद भी नहीं हुई थी कारवाई

भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले के अनुसार बालाकोट में चल रहे जैश ए मोहम्मद संगठन के शिविर और उनके नापाक इरादों के बारे में पाकिस्तान को सबूत दिए गए थे. दरअसल भारत को ये ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद का बड़ा सा कैंप हैं जहाँ लोगो को भारत में अशांति फैलाने के लिए ट्रेन भी किया जा रहा हैं. लेकिन जब पाकिस्तान को इसकी जानकारी होने के बावजूद उसने कोई एक्शन नहीं लिया तो भार ने इस कारवाई को अंजाम दिया. IAF द्वारा की गई इस स्ट्राइक के चलते जैश के कई उपद्रवी, ट्रेनर, सीनियर कमांडर और जेहादी ख़त्म हो गए. गोखले ने ये भी बताया कि हमें विश्वसनीय खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि जैश इंडिया में पुलवामा की तरह ही और भी कई बड़े आत्मघाती हमले करने की प्लानिंग कर रहा हैं. इसलिए भारत की ओर से इस पूर्वनिर्धारित स्ट्राइक को करना जरूरी हो गया था.