जानें, आखिर भारतीय सेना ने क्यों चुना एयरस्ट्राइक के लिए बालाकोट और मुजफ्फराबाद सेक्टर

आज देशभर में पुलवामा अटैक के बदले यानि की सर्जिकल स्ट्राइक 2 की जोरों शोरो से चर्चा हो रही है। ये बात तो सच है कि पुलवामा में शहीद हुए जवानों की शहादत का बदला पाकिस्तान से लेना बेहद ही ज्यादा जरूरी हो गया था। जिसकी वजह से सरकार ने भी इस बार भारतीय सेना को खूली छूट दे रखी थी। फिर क्या था अब तो पाकिस्तान की शामत आ गई थी। जी हां बता दें कि जिस जगह पर सुबह के साढ़े तीन बजे भारतीय वायुसेना ने टारगेट किया उस जगह का नाम बालाकोट है जो कि पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के मानशेरा जिले में स्थित एक शहर है।

खास बात तो ये है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का गृह राज्य भी खैबर पख्तूनख्वा ही है। खबरों के अनुसार मसूद अजहर 2001 में यहीं रहा करता था और आज भी बालाकोट को वो इलाका माना जाता है, जहां से जैश-ए-मुहम्मद अपने कैंप चलाता है, यहीं से जैश अपने लॉन्चपैड भी चलाता है। बताया तो ये भी जा रहा है कि भारतीय एयरफोर्स ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के अल्फा 3 कंट्रोल रूम को तबाह कर दिया है। इसके साथ ही साथ साल 2001 में बालाकोट को इंटेलिजेंस एजेंसियों ने बताया था कि इस इलाके में जैश-ए-मोहम्मद रैलियां भी करता है। यही खास वजह थी की भारतीय एयरफोर्स ने इस स्ट्राइक के लिए इसी जगह का चुनाव किया।

बता दें कि बालाकोट के बेसयान चौक में आतंकियों को ट्रेन भी किया जाता है। जी हां माना जाता है कि यह वही इलाका है जहां पर अमेरिका और अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान में हमले की प्लानिंग की गई थी। अगर आपको याद होगा तो आज से करीब 15 दिन पहले ही पुलवामा में अटैक हुआ था जिसके बाद भारतीय सेना ने ये एयरस्ट्राइक करने का निर्णय लिया और उन पुलवामा टेररिस्टों को अटैक करने के दो हफ्तों के अंदर ही धूल चटा दिया।

आप सभी जानते हैं कि 14 फरवरी को एक फिदायीन हमले में एक कार में भरकर सीआरपीएफ के काफिले में विस्फोट कर दिया था, जिसमें 40 जवानों की मौत हो गई थी। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जा रहे इस काफिले में करीब 70 जवान शामिल थे। जिनमें पैरामिलिट्री के 2,500 जवान सवार थे। पाकिस्तान से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी।

इतना ही नहीं ये भी बताते चलें कि पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया कि भारतीय वायुसेना के विमानों ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करते हुए मुजफ्फराबाद सेक्टर में घुस आए जिसकी पाकिस्तानी वायुसेना ने तुरंत कार्यवाई की और फिर भारतीय विमान वापस चले गए। इसके अलावा उन्होंने साथ ही दावा किया कि वायुसेना के विमानों ने वापस लौटते हुए हड़बड़ी में खुली जमीन पर ही बम गिरा दिए, जिनसे जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।

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