13 हजार करोड़ में फ्रांस के डसाल्ट से मंगाए गये थे पाकिस्तान के टेररिस्ट कैंप को ध्वस्त करने वाले मिराज 2000

पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के टेररिस्ट  बेस कैंपों पर एयर स्ट्राइक कर यह संदेश दिया है कि अब टेररिस्ट को बर्दाश्त करने की सीमा पार हो चुकी है और इसे खत्म करने के लिए जो भी कदम उठाने होंगे, भारत उससे पीछे नहीं हटेगा. 26 फरवरी को तड़के 3.30 बजे भारतीय वायुसेना ने पाक अधिकृत कश्मीर और पाक के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बेस कैंपों पर एयर स्ट्राइक की. मिराज 2000 विमानों से सधी हुई कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना के पायलटों ने मौलाना मसूद अजहर के रिश्तेदार यूसुफ अजहर के द्वारा चलाये जा रहे कैंप को ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई में यूसुफ अजहर के भी मारे जाने की खबर है.

बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 विमान के जरिए पीओके में मौजूद टेररिस्ट  कैंपों पर हमला बोला. भारतीय वायुसेना की ओर से 12 मिराज 2000 विमान के समूह ने जैश के कैंप पर 1000 किलग्राम के बम गिराए. यहां जानिए मिराज 2000 लड़ाकू विमान की खासियतें.

मिराज 2000 को हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में महारथ हासिल है. मिराज 2000 चौथी जेनरेशन का मल्टीरोल, सिंगल इंजन लड़ाकू विमान है. जिसमें 2 पायलट बैठ सकते है. इसका निर्माण मिराज 2000 विमान फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया है. कुछ समय पहले ही मिराज 2000 को प्रोन्नतिकरण किया गया. मिराज के प्रोन्नतिकरण के दौरान जोड़े गए एडवांस एवियोनिक्स, हथियारों और स्वरक्षा उपकरणों से विमान की क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है. इन विमानों के प्रोन्नतिकरण के लिए थेल्स एयरोपोर्ट्स सिस्टम्स और दसोल्ट एविएशन ऑफ फ्रांस के बीच समझौता हुआ था|

बीते पांच दशक से मिराज 2000 दुनिया की अलग-अलग देशों की वायुसेना में शामिल है. बताते चले कि मिराज 2000 की पहली उड़ान साल 1970 में आयोजित की गई थी. भारत के साथ-साथ मिराज 2000 नौ अलग देशों की वायुसेना में भी शामिल है|मिराज 2000 विमान की लंबाई 47 फीट है. इसके खाली विमान का वजन 7500 किलो है. सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मिराज-2000 13800 किलो गोला बारूद के साथ भी 2336 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से उड़ सकता है. मिराज-2000 प्रतिमिनट 125 राउंड गोलियां दागता है और 68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट दागता है. मिराज-2000 एक साथ हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में सक्षम है|

कारगिल वॉर के दौरान ‘मिराज 2000’ ने अहम भूमिका निभाई थी। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास इसके दो बेड़े हैं। एक बेड़े में 16 से 18 विमान होते हैं।भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित लगभग 51 मिराज 2000 विमानों के एक बेड़े को उन्नत करने के लिए फ्रांस से 1.9 बिलियन डालर का समझौता हुआ था|मिराज 2000 लड़ाकू विमान को समय-समय पर उन्नत भी किया जा रहा है. ताकि वह समय के साथ अपने आप को अपग्रेड रख सके. मिराज 2000 को साल 1986 में औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. जिसके बाद से वह अपनी सेवाएं दे रहा है.

पीओके में भारतीय वायुसेना द्वारा आज हुए हमले में भी मिराज 2000 लड़ाकू विमान का उपयोग किया गया था. इस हमले में 200 से 300 आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है|गौरतलब है कि यह आरोप जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद दोनों देशों में बढ़े तनाव के बीच लगाया गया है। हमले में सुरक्षा बल के 40 जवाब शहीद हुए थे|