तबाह हुए जैश कैंप में बन रहे थे 42 मानव-बम, पाकिस्तान के रिटायर्ड आर्मी अफसर देते थे ट्रेनिंग

ये बात किसी से छिपी नहीं हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालत हमेशा से ही नाजुक रहे हैं. फिर बीते कुछ दिनों में तो स्थिति और भी खतरनाक हो गई हैं. भारत हमेशा से पाकिस्तान को चेतवानी देते रहा हैं कि वो अपनी हरकतों से बाज़ आए और शांति स्थापित करने के लिए सबसे पहले अपनी जमीन पर उपद्रवियों को पनाह देना बंद करे. हालाँकि पाकिस्तान हैं कि हमेशा इस बात से इनकार करता आया हैं कि उसकी जमीन पर ऐसी कोई गलत गतिविधियाँ नहीं चल रही हैं. लेकिन हाल ही में इंडियन एयरफोर्स से पाकिस्तान में घुस उसकी जमीन पर पल रहे 350 उपद्रवियों को ढेर किया हैं. भारत की इस एयरस्ट्राइक के चलते पाकिस्तान का झूठ यहीं पकड़ा गया हैं.

यदि आपको याद हो तो 14 फरवरी वाली पुलवामा घटना के बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान का बयान आया था जिसमे उन्होंने कहा था कि इस घटना से पाकिस्तान का कोई लेना देना नहीं हैं. साथ ही उन्होंने भारत से साबूत की मांग की थी और कहा था कि यदि भारत उन्हें सबूत देती हैं तो वे इस पर कारवाई जरूर करेंगे. ऐसे में इस एयरस्ट्राइक में पाकिस्तानी जमीन पर जैश ए मोहम्मद संगठन के 350 लोगो का ख़त्म होना अपने आप में बहुत बड़ा सबूत हैं. इस घटना के बाद आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह पाकिस्तान हमेशा ही झूठ बोल लोगो को गुमराह करता आया हैं. यहाँ तक कि वो अभी भी ये बात मानने को तैयार नहीं हैं कि उसकी जमीन पर जैश के इतने लोग मौजूद थे. उनके अनुसार भारत पाकिस्तानी सीमा में घुसा जरूर था लेकिन खाली जगह पर बम गिरा चला गया.

लेकिन जब आपको इस एयरस्ट्राइक की वजह से खुले कुछ पाकिस्तानी राजो के बारे में पता चलेगा तो आपके पैरो तले जमीन खिसक जाएगी. दरअसल भारत की इस एयरस्ट्राइक के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बालाकोट स्थित जैश के कई कैंप तबाह कर दिए गए हैं. उन्होंने ये भी बताया थी उस कैंप के अंदर जैश 42 मानव बम तैयार कर रहा था. वो भारत पर और भी कई बड़े आत्मघाती हमलों की तैयारी में था. ये वही कैंप था अजः पुलवामा की घटना की प्लानिंग हुई थी. एक और चुकाने वाली बात ये पता चली कि इस कैंप में जो 25 ट्रेनर थे वो और कोई नहीं बल्कि पाकिस्तान आर्मी के रिटायर्ड अफसर थे. ऐसे में वे लोग भी इस एयरस्ट्राइक में ढेर हो गए हैं. अजीत आगे बताते हैं कि इस कैंप को स्थापित करने में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई दोनों ने मदद की थी. इस कैप्म में बम भी टेस्ट होते थे. फायरिंग रेंज की सुविधा भी उपलब्ध थी. साथ ही ये सभी कमरे एयर कंडीशंड वाले थे.

अजीत के अनुसार भारत को एक विश्वसनीय सूत्र से पहले ही जानकारी मिल गई थी कि इस कैंप में जैश कुछ भारत में आशाती फ़ैलाने के लिए आत्मघाती अटैक प्लान कर रहा हैं. उन्होंने इसके सबूत पाकिस्तान को भी दिए थे. लेकिन जा उनकी ओर से कोई भी करवाई नहीं की गई तो भारत ने पूर्वनिर्धारित निति के तहत ये एयर स्ट्रेट कर दी.