सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 : सिर्फ इन 7 लोगों को थी जानकारी कब होगी पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक

जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान पर मंगलवार की रात अटैक कर पुलवामा का बदला ले लिया, जिस दौरान भारतीय वायुसेना ने पीओके स्थित जैश के सभी कैम्पों पर एयर स्ट्राइक कर अपनी ताकत दिखा दी। बता दें कि ये बदला पुलावामा अटैक के ठीक 13वें दिन पाकिस्तान से ले लिया गया जी हां इन 12 दिनों में इस पूरे ऑपरेशन की प्लानिंग की गई। जिसमें ये तय किया गया कि पाकिस्तान में जाकर कहां हवाई हमला करना है, व कहां ज्यादा से ज्यादा टेररिस्टों को मारा जा सकता है इन सभी चीजों की पूरी प्लानिंग कर ली गई और फिर पूरी तैयारी के साथ भारतीय वायुसेना ने 13 वें दिन पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी।

जैसा कि आपको ये भी पता होगा कि इस ऑपरेशन के बारे में किसी भी तरह की जानकारी किसी को नहीं दी गई थी, लेकिन इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी केवल 7 लोगों को थीं, जी हां इन्हें पता था कि किस समय कहां हमला होगा। तो आइए जानते हैं कौन थें वो सात लोग, तो इनमें सबसे पहला नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तो आता ही है इसके साथ ही साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, तीनों सेना प्रमुख, खुफिया एजेंसियों- रॉ और आईबी के प्रमुख।

तो आइए जानते हैं 12 दिन कैसे बनी थी रणनीति

-15 फरवरी : जी हां पुलवामा अटैक के ठीक अगले दिन वायुसेना प्रमुख बीरेंद्र सिंह धनोवा ने सरकार के सामने हवाई हमले का प्रस्ताव रखा, सरकार ने मंजूरी दी।

-16-20 फरवरी : वायुसेना और सेना ने नियंत्रण रेखा पर हेरोन ड्रोंस के साथ एयरबोर्न सर्विलांस को आजमाया।

-20-22 फरवरी : इसके बाद वायुसेना और खुफिया एजेंसियों ने हमले में निशाना बनाने के लिए संभावित स्थानों का खाका खींचा।

-21 फरवरी : इसके अगले दिन ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के सामने हवाई हमले के लिए विकल्पों को रखा गया।

-22 फरवरी : जिसके बाद एयर स्ट्राइक मिशन के लिए मिराज लड़ाकू विमान की 1-स्क्वाड्रन ‘टाइगर्स’ और 7 स्क्वाड्रन ‘बैटल एक्सेस’ को सक्रिय किया गया।

-24 फरवरी : ठीक इसके अगले दिन मध्य भारत में ट्रायल किया गया, और इसमें बठिंडा के अर्ली वार्निंग जेट और आगरा के हवा में ईंधन भरने में सक्षम विमान भी शामिल हुए।

-25-26 फरवरी : इस दिन ऑपरेशन शुरू हो गया और लेजर गाइडेड बम से लैस 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने ग्वालियर से उड़ान भरी।

आपको बता दें कि बठिंडा से एक अर्ली वार्निंग जेट और आगरा से हवा में ईंधन भरने में सक्षम एक जेट ने भी उड़ान भरी, इसके बाद से ही एक हेरोन सर्विलांस ड्रोन की भी मदद ली गई। शायद आपको पता नहीं होगा लेकिन बता दें कि हमले से पहले मिराज के पायलटों ने लक्ष्यों को आखिरी बार परखा और फिर हमले को अंजाम देने की उनको स्वीकृति दे दी गई। बता दें कि मिराज विमानों ने मुजफ्फराबाद के पास नियंत्रण रेखा क्षेत्र में कम ऊंचाई पर उड़ान भरी।

इसके बाद ये भी बता दें कि इन लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए लेजर पॉड्स का प्रयोग किया और फिर कई सारे बम बरसाए और मिशन को तड़के 3.20 से 3.30 बजे के बीच अंजाम दिया गया। इसके बाद 26 फरवरी की सुबह अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की।

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