इस महिला का 10 दिन पहले किया गया अंतिम संस्कार, कुछ दिन बाद दिखाई दिए बाजार में

इस महिला का 10 दिन पहले किया गया अंतिम संस्कार, कुछ दिन बाद दिखाई दिए बाजार में आप सब ने कई बार फिल्मों में देखा होगा कि किसी का अंतिम संस्कार किया जाता है और उसके कुछ दिन बाद वही मरी हुई महिला लोगों के बीच में दिखाई देती है। इतना देखने पर ही हमें डर लगने लगता है परंतु सोचिए तब क्या होगा अगर यह सब कुछ रियल लाइफ में होने लगेगा। जी हां, ऐसा ही कुछ हुआ किसी एक महिला का अंतिम संस्कार पर। जो महज 10 दिन पहले किया गया और वह 10 दिन के बाद लोगों को बाजार में घूमती हुई दिखाई दी।

क्या है पूरा मामला

चलिए आपको बताते है पूरा मामला है क्या। असल में एक औरत जिसका नाम आरती है वह 21 जून को अचानक लापता हो जाती है। उसको बहुत तलाश किया जाता है परंतु उसको मिलती नहीं है। 23 जून को उसके पति थाने में जाकर उनकी गुमशुदा की रिपोर्ट लिखवाते हैं उनके पति का नाम रमेश है। उसके कुछ दिन बाद मिर्जापुर जिले के हलिया थाने में एक लावारिस लाश लाई जाती है। जिसमें आरती के पिता अशोक चौरसिया को उसकी पहचान करने के लिए बुलाया जाता है। आरती के पिता अशोक चौरसिया बताते हैं कि उनकी बेटी आरती है। आरती दो बच्चों की मां है म किया अंतिम संस्कार

उसकी पहचान हो जाने के बाद उसकी लाश को अपने साथ ले जाते हैं और उसके पिता और लोग मिलकर उसका अंतिम संस्कार करते हैं। इसके बाद आरती के पिता थाना जाते हैं और वहां पर वह आरती के पति रमेश उसके जेठ मुन्ना और उसकी सांस गीता देवी के खिलाफ यह मामला दर्ज करवाते हैं।

यह उन तीनो ने मिलकर आरती की हत्या की है। तभी अचानक एक सूचना आती है जिसमें पता चलता है की आरती को आजमगढ़ के बिंद्रा बाजार में देखा गया है। जैसे ही सूचना पुलिस को मिलती है पुलिस तुरंत वहां पर पहुंचती है और आरती को गिरफ्तार कर लेते हैं। बाद में आरती से पूछताछ की जाती है। आरती ने अपना मुंह खोलते हुए कहा कि हां जो वह लाश थी वह आरती कि नहीं थी।

बल्कि मैं ही असली आरती हूं और मुझे इसलिए ऐसा करना पड़ा क्योंकि मेरे पति मुझे बहुत मारते थे। इसलिए मैं परेशान होकर घर से बाहर निकल गई थी। फिलहाल आरती को पुलिस ने हिरासत में रखा गया है और उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके बाद जो फैसला। कोर्ट का आएगा उसे मंजूर किया जाएगा।