रिसर्च: सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक हैं अगरबत्ती का धुआँ, केंसर सहित हो सकती हैं ये 5 बड़ी बीमारियाँ

हिंदू धर्म में पिछले कई सालो से भगवान की पूजा अर्चना करते वक़्त अगरबत्ती लगाने की परंपरा रही हैं. प्राचीन समय में ऋषि मुनि लोग भी हवन करते समय अगरबत्ती और धुपबत्ती लगाया करते थे. अगरबत्ती लगाने के पीछे ये मान्यता हैं कि इससे घर में सकारात्मक उर्जा फैलती हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि अगरबत्ती घर की नकारात्मक उर्जा को समाप्त करने का कार्य करती हैं. इसलिए घर और मंदिरों में लोग रोजाना सुबह शाम अगरबत्ती या धुपबत्ती अवश्य लगाते हैं.

लेकिन हाल ही में अगरबत्ती से निकले धुंए पर एक रिसर्च हुई हैं जिसने काफी चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं. इस रिसर्च के अनुसार अगरबत्ती से निकला धुंआ सिगरेट से निकले धुंए से कहीं ज्यादा खतरनाक होता हैं. इसमें कोई शक नहीं कि सिगरेट का धुआँ पीने वाले और उसके आसपास खड़े लोगो के शरीर को नुकसान पहुंचता हैं. लेकिन इस नए शौध के अनुसार अगरबत्ती का धुआँ, जो कि भारत के लगभग हर हिन्दू परिवार में रोज होता हैं, सिगरेट से भी ज्यादा नुकसानदायक हैं.

दरअसल अगरबत्ती से निकले धुएं में उपस्थित पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन अस्थमा, सिरदर्द, खांसी और यहाँ तक कि केंसर जैसी कई बड़ी बिमारियों को जन्म देते हैं. इससे सांस से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इससे निकले धुएं से सावधान रहना बेहद जरूरी हैं. आइए पहले जानते हैं कि इससे कौन कौन सी बीमारियाँ हो सकती हैं.

अगरबत्ती के धुएं से हो सकती हैं ते 5 बड़ी बीमारियाँ

1. अस्थमा: अगरबत्ती में उपस्थित नाइट्रोजन और सल्फर डाईऑक्साइड गैस आपके फेफड़ों के लिए हानिकारक होती हैं. इस धुएं की वजह से आपको अस्थमा (दमा) जैसी बिमारी तक हो सकती हैं.

2. फेफड़े संबंधित रोग: जब अगरबत्ती का धुंआ आपके फेफड़ों में जाता हैं तो इसके साथ इसके अन्दर कार्बनमोनो ऑक्साइड भी प्रवेश कर जाती हैं. इस वजह से आपको खांसी, कफ सहित अन्य फेफड़े सम्बंधित रोग हो सकते हैं.

3. हार्ट अटैक: जब कोई व्यक्ति लगातार अगरबत्ती के धुएं के संपर्क में रहता हैं तो उसका दिल और धमनियां सिकुड़ने लगती हैं. यह वजह आगे चलकर हार्ट अटैक आने का खतरा बड़ा सकती हैं.

4. आंखों के लिए नुकसानदायक: अगरबत्ती के धुएं से आपकी आँखों की रौशनी कम या खराब हो सकती हैं. इसके धुएं में मौजूद हानिकारक केमिकल्स आँखों में खुजली, जलन और यहाँ तक कि स्किन एलर्जी तक पैदा कर सकते हैं.

5. श्वसन कैंसर: अगरबत्ती से निकले धुएं के अधिक समय तक संपर्क में रहने से आपको श्वसन केंसर की समस्यां हो सकती हैं. अभी तक सिगरेट का धुआँ ही इस केंसर को बढ़ावा देता था लेकिन अब नई रिसर्च के अनुसार अगरबत्ती का धुआँ भी इसकी वजह बन सकता हैं.

ये सावधानियां रखे:

हम ये बात समझते हैं कि अगरबत्ती से कई लोगो की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं. लेकिन यदि हो सके तो आप अगरबत्ती का उपयोग कम कर दे. आप चाहे तो अगरबत्ती को भगवान के सामने घुमा के इसे बाहर आँगन या बालकनी में भी रख सकते हैं. इसके अलावा कम मात्रा में छोटे आकर की अगरबत्ती जलाए. जब अगरबत्ती जल रही हो तो बच्चो, बुढो, हार्ट और दमा के मरीजो को कमरे में ना आने दे. आपके द्वारा दिखाई गई थोड़ी सी सतर्कता आपको भविष्य में गंभीर बिमारी होने से बचा सकती हैं.