देश के सबसे अमीर व्‍यक्‍तियों में शामिल अंबानी को लगा एक बड़ा झटका, अब नहीं बेच सकते कोई समान

वैसे तो आप जानते ही होंगे कि देश के सबसे अमीर आदमी में अंबानी परिवार का नाम ही आता है जो पिछले कई सालों से लगातार बना हुआ है। वहीं आए दिन इनकी खबरें भी सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है। लेकिन आज इन्‍हें लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है जो वाकई में हैरान कर देने वाली है। जी हां आपको बता दें कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन यानि की (आरकॉम) अब अपनी मर्जी से संपत्तियां बेच या किसी को हस्तांतरित (ट्रांसफर) नहीं कर पाएगी। हाल ही में खबर मिली है कि आर्बिट्रेशन कोर्ट ने ये फैसला लिया है कि आरकॉम को संपत्तियां बेचने या ट्रांसफर करने से पहले अनुमति लेनी होगी। इस बारे में कोर्ट 9 जून को अगली सुनवाई करेगा।

वहीं आपको ये भी बता दें कि कोर्ट की ओर से लगी इस रोक को अनिल अंबानी के की टेलिकॉम कंपनी के उन प्रयासों को झटका लगा है जिनके तहत वो मार्च महीने तक बैंकों के कर्ज चुकाने का खाका तैयार किया था। साथ ही 5 मार्च को आर्बिट्रेशन कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा, ‘हम दावेदार (आरकॉम) और इससे संबद्ध कंपनियों को आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल की विशेष अनुमति/छूट के बिना किसी भी संपत्ति के हस्तांतरण, अलगाव, भार या निपटान से रोकने का निर्देश देते हैं।’

आदेश में कहा गया है, ‘प्रतिवादी (एरिक्सन) ने एक तार्किक बात कही है और ट्राइब्यूनल की राय है कि अभी कोई राहत देने से मना करने पर इसे कभी भरपाई नहीं हो पानेवाला नुकसान हो सकता है।’ जस्टिस स्वतंत्र कुमार, जस्टिस वीएस सिरपुरकर और जस्टिस एसबी सिन्हा ने यह आदेश दिया है। ये सभी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज हैं।

दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन इंडिया की याचिका पर यह व्यवस्था दी। एरिक्सन का कहना है कि अनिल अंबानी की अगुवाई वाली आरकॉम पर उसका पैसा बकाया है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो ने आरकॉम की मोबाइल कारोबार आस्तियों जैसे स्पेक्ट्रम, मोबाइल टावर व ऑप्टिकल टावर आदि खरीदने के लिए समझौता किया है।

आरकॉम के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस आदेश के खिलाफ जल्दी ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। प्रवक्ता ने कहा, ‘हम मामले जो समझ रहे हैं और इस निर्देश के खिलाफ हम माननीय उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।’

साथ ही आपको ये भी बता दें कि आर्बिट्रेशन कोर्ट का ये निर्देश था कि इस मामले के तहत स्वीडन की कंपनी एरिक्सन आरकॉम से अपना 1,012 करोड़ रुपये का बकाया वसूली की कोशिश कर रही है। एरिक्सन का कहना है कि अगर आरकॉम को अपनी संपत्ति बेचने या ट्रांसफर करने की अनुमति मिल जाती है तो वह शेल कंपनी में परिवर्तित हो जाएगी और एरिक्सन उससे अपना बकाया कभी नहीं वसूल पाएगा।

अभी हाल ही में कुछ ही दिन पहले ट्राई ने कहा, अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी से प्रीपेड ग्राहकों का पैसा और पोस्ट पेड उपभोक्ताओं की जमा राशि लौटाने का निर्देश देते हुए क्रमश: 15 फरवरी और 31 मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। ट्राई के अनुसार असामान्य परिस्थतियों में रिलायंस कम्युनिकेशंस पोर्ट किए गए मोबाइल नंबरों पर रिचार्ज कूपन या वाउचर प्लान में खर्च नहीं हुए प्रीपेड बैलेंस को लौटाए। इसके अलावा उन ग्राहकों का भी शेष बैलेंस वापस दिया जाए जो न तो अपना नंबर पोर्ट कर पाए हैं और न ही सेवा का इस्तेमाल कर पाएंगे।