अरविंद केजरीवाल एक बार फिर हुए शर्मसार, मांगनी पड़ी सरेआम माफ़ी, जानिए क्या क्या बोले…

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल हमेशा से बिना सोचे समझे लोगो पर आरोप जड़ने के लिए बदनाम रहे हैं. उनकी हमेशा एक रणनीति रहती हैं कि वो अपोजिशन पार्टी पर मनगढ़त आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं. ऐसा वो शायद जनता के वोट बैंक को अपनी ओर खीचने के लिए करते हैं. खैर कारण जो भी हो लेकिन इस बार अरविंद केजरीवाल की इन आरोप लगाने की आदत सिर्फ उनको ही नहीं बल्कि उनकी पार्टी को भी भारी पड़ी हैं.

दरअसल  आम आदमी पार्टी और उनके नेताओं पर अब तक 20 से भी ज्यादा मानहानि के केस दर्ज हो चुके हैं. ऐसे में उन्हें आए दिन कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जिसकी वजह से उनकी पार्टी पर भी काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा हैं. इस वजह से अरविंद केजरीवाल ने अपने ऊपर चल रहे सभी मानहानि के केस को समाप्त करने की ठान ली हैं. इसके लिए मानहानि का दावा ठोकने वाले नेताओं जैसे अरुण जेटली, नितिन गडकरी सहित कई लोगो से बातचीत कर माफ़ी मांगेंगे.

इसकी शुरुआत हाल ही में उन्होंने अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफ़ी मांग कर की हैं. ये माफ़ी उन्होंने लिखित में दी हैं. दरअसल पिछले साल उन्होंने बिक्रम और उनकी सरकार को ‘पंजाब का ड्रग माफिया’ कहा था. इसके बाद बिक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल पर मानहानि का दावा थोक दिया था. इस दावे की वजह से अरविंद को बार बार कोर्ट जाना पड़ता रहा था जिसकी वजह से उनका काम भी प्रभावित होने लगा था. इसलिए उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया से माफ़ी मांगी हैं.

उन्होंने इस विषय में उन्हें अपनी ओर से आधिकारिक माफ़ी पत्र भी लिख कर भेजा हैं.

इस पात्र में अरविंद लिखते हैं कि “पिछले कुछ समय पहले मैंने अपने स्टेटमेंट में आपके ऊपर आरोप लगाया था कि आपका हाथ पंजाब में होने वाले ‘ड्रग ट्रेड’ में हैं. जल्द ही ये स्टेटमेंट एक राजिनित मुद्दा बन गया. लेकिन अब मुझे पता चला कि ये सारे आरोप बेबुनियाद थे. इसलिए इस विषय को लेकर अब कोई भी राजनीतिज्ञ मुद्दा नहीं खड़ा होना चाहिए.

पोलिटिकल रैली, पब्लिक मीटिंग, टीवी प्रोग्राम, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया जैसे सभी जगहों पर मेरे द्वारा लगाए गए आरोपों से आपकी जो बदनामी हुई हैं उसके खिलाफ आप ने अमृतसर के कोर्ट में मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रखा हैं. 

चुकी मेरे द्वारा लगाए गए आरोप गलत पाए गए इसलिए मैं अपने आपको लेकर कहे गए मेरे सभी स्टेटमेंट वापस लेता हूँ. आप पर लगाए गए सभी आरोपों के लिए मैं माफ़ी मांगता हूँ. मेरे आरोपों से आपकी प्रतिष्ठा को जो नुकसान पहुंचा हैं, आपके दोस्त, परिवार और रिश्तेदारों में जो बदनामी हुई हैं उसे लेकर मुझे काफी पछतावा हैं.”

इस माफ़ी पत्र के नीचे अरविंद ने लेफ्ट में लिखा हैं – बिक्रम सिंह मजीठिया, 43, ग्रीन एवेन्यू, अमृतसर, पंजाब.

वहीँ राईट कालम में अरविंद केजरीवाल ने अपना नाम लिख हस्ताक्षर किए हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस अमृतसर के इस मानहानि के दावे के अलावा वाराणसी, अमेठी, असम, महाराष्‍ट्र, गोवा और अन्‍य जगहों पर भी उनके खिलाफ कोर्ट में केस दायर किए गए हैं. ऐसे में कुछ मुकदमो में अरविंद को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होने की आवश्यकता होती हैं. बस यही वजह थी कि उन्हें माफ़ी मांगने पर मजबूर होना पड़ा.

हमें उम्मीद हैं कि अगली बार से अरविंद बिना सोचे समझे और सबूतों के ना होने पर यूं ही हवा में किसी पर आरोप नहीं मड़ेंगे. वरना इस बार की तरह अगली बार भी इन्हें मुंह की खानी पड़ेगी.