आज से शुरू हो चुका है चैत्र नवरात्र, इन सामग्री के बिना अधूरी है नवरात्र की पूजा

चैत्र नवरात्रि की शुरूआत कल 6 अप्रैल से हो जाएगी और आने वाले 9 दिनों तक हर भक्त माता रानी को प्रसन्न करने की प्रयास करेगा। चैत्र नवरात्रि को वासंतिक नवरात्र भी कहा जाता है। 6 अप्रैल से नौ दिनों तक पूरे विधि-विधान से दुर्गा मां के नौ रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन 14 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी। चैत्र नवरात्रि साल में आने वाले सबसे पहले नवरात्र होते हैं। इस नवरात्र से ही हिंदू नववर्ष का आरंभ माना जाता है। इसके साथ रामायण के अनुसार माना जाता है कि भगवान राम ने चैत्र के महीने में देवी दुर्गा की उपासना कर रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी। वहीं ये भी बता दें कि अगर आप भी इन नौ दिन माता की पूजा करने के लिए कलश स्थापना कर रहे तो आज हम आपको उसी से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। जी हां ये ऐसी जानकारी है जिसका जान लेना हर किसी को जरूरी है।

जी हां क्योंकि आज हम आपको नवरात्रि पूजा में उपयोग किए जाने वाले कुछ खास सामग्री वालों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इतना ही नहीं कई बार पूजा के दौरान कुछ महत्वपूर्ण पूजन सामग्री में रह जाती हैं। इसलिए आज हम पूजन सामग्री की हर जानकारी दे रहे है जिससे आपको परेशानी ना हो। आज नवरात्र के सामान की खरीददारी के लिए दुकानों में भारी भीड़ रहेगी। बेहतर होगा कि आप भी आज ही खरीददारी निपटा लें ताकि आखिरी समय में कोई परेशानी न हो। सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि पूजन के लिए माता के श्रृंगार का सामान लेना बेहद ही ज्यादा जरूरी होता है इसके लिए आपको लाल चुनरी के साथ लाल चूड़ियां, सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी, आलता और बिंदी शामिल जरूर लेना होगा। इतना ही नहीं इसके अलावा आपको कलश स्थापना के लिए मिट्टी का कटोरा, जौ, साफ मिट्टी, कलश, रक्षा सूत्र, लौंग इलाइची, रोली और कपूर।

आम के पत्ते, पान के पत्ते, साबुत सुपारी, अक्षत, नारियल, फूल, फल। और तो और पूजन सामग्री में पूजा के लिए फूलदाना, मिठाई, मेवा, फल, के साथ ही आप इलायची, मखाना, लौंग, मिस्री होनी चाहिए। हवन के लिए हवन कुंड, रोजाना लौंग के 9 जोड़े, कपूर, सुपारी, गुग्गुल, लोबान, घी, पांच मेवा, चावल आदि। मिट्टी का एक बर्तन, साफ मिट्टी, जौ, मिट्टी का दिया, गाय का घी, रुई की बत्ती, चावल, हवन सामग्री, आम की सूखी लकड़ी, हवन सामग्री। अब सबसे अंतिम चीज कन्या पूजन वाली सामग्री है जिसमें आपको कन्याओं के लिए वस्त्र, खाने के लिए प्लेट और देने के लिए उपहार बहुत जरुरी है। इन सभी सामग्रीयों को ध्यान में रखकर अगर आप नवरात्र शुरू होने से पहले जुटा लेते हैं तो आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना होगा और माता रानी आपकी पूजा से प्रसन्न भी होंगी। इसलिए ध्यान रहे कि ये सभी सामान आप आज ही समय निकालकर जुटा लें। सभी भक्त माता रानी की सच्चे मन से भक्ती करते हैं तो मां बेहद प्रसन्न होगी।