चैत्र नवरात्र में महिलाएं माता रानी को चढ़ाएं ये चीज, हर तरह की समस्या हो जायेगी दूर

कहते हें कि नवरात्र वह समय होता है जब दोनों रितुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं। इसलिए हम साल में मुख्य रूप से दो नवरात्र मनाते हैं जिसमें से एक चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र होता है। जैसा कि आपको भी पता होगा कि चैत्र नवरात्रि गर्मियों के मौसम की शुरूआत करता है और प्रकृति माँ एक प्रमुख जलवायु परिवर्तन से गुजरती है। यह लोकप्रिय धारणा है कि चैत्र नवरात्री के दौरान एक उपवास का पालन करने से शरीर आगामी गर्मियों के मौसम के लिए तैयार होता है। वहीं आश्विन नवरात्र गर्म वातावरण से शीतलता की ओर परिवर्तित होता है। इस बार चैत्र नवरात्र 6 अप्रैल से यानि की कल से ही शुरू हो रही है और इस नवरात्र पूरे 8 दिन तक सर्वार्थसिद्धि योग बनने के कारण यह अपने आप में बहुत ही खास हो जाती हैं । शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि काल वैसे तो अपने आप में शुभ मुहूर्त समय होता हैं लेकिन अगर कोई शुभ योग बन जाता है तो उसमें किये गये सभी कार्य सिद्ध और सफल हो जाते है। माना तो ये भी जाता है कि चैत्र नवरात्र के पूरे नौ दिन महिलाओं को ऐसे देवी मां के मंदिर जो अति प्राचीन हो वहां जाकर माता को ये चीज चढ़ाये तो माता उनके घर परिवार की हर समस्या को हर लेती हैं।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर संभव हो तो महिलाएं नौ दिनों का उपवास चैत्र नवरात्र में जरूर रखें और व्रत उपवास के दौरान सिर्फ सात्विक भोजन का ही सेवन करें। क्योंकि ऐसा करने से माता रानी अपनी कृपा बरसाती है इसके अलावा बताया गया है कि दिन में कम से कम 2 घन्टे मौन रहना चाहिए। श्री दुर्गा सप्तसती की दोनों समय श्रद्धा पूर्वक पाठ करना चाहिए। 9 दिनों तक हर रोज सूर्योदय के समय, दोपहर के समय एवं सूर्यास्त के समय 108-108 बार इस मंत्र- ॐ आदित्याय नमः का जप करें। माता के इस मंत्र के जप से मां शैलपुत्री की उपासना स्वतः ही हो जाती हैं। इस दौरान इन बातों का अवश्य रखें ध्यान: नवरात्र के नौ दिनों में माता की पूजा में तुलसी, आंवला, दूर्वा, मदार और आक के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। वैसे बताते चलें कि माता को सबसे अधिक पसंद लाल रंग के फूल व रंगों का प्रयोग आता हैं इसलिए लाल फूल नवरात्र के हर दिन मां दुर्गा को अर्पित करना चाहिए। मां दुर्गा की पूजा हमेशा धुले हुये वस्त्र पहनकर करनी चाहिए। नवरात्र में महिलाएं पूजा के समय अपने बाल बंधे ही रखना चाहिए।

अब बात करते हैं कि इन नौ दिनों में महिलाएं मां दूर्गा को कौन सी चीज चढ़ाएं: जैसा कि आपको भी पता होगा कि इन दिनों मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है जिनकी चार भुजाएं व उनकी सवारी शेर है, देवी माँ कमल के फूल पर भी विराजमान होकर दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमल का फूल ही धारण करती है। चाहे कोई भी महिला हो विधवा, कुंवारी, या फिर सुहागन हर महिला नवरात्र के नौ दिनों तक किसी प्राचीन देवी मंदिर में जाकर सुबह के समय हर रोज शुद्ध जल जिसमें लाल पुष्प एवं लाल कुमकुम डला हो माता को चढ़ायें, अंतिम दिन माता को सुहाग की सामग्रिया जिसमें हरी चुड़िया शामिल हो भेट करें। ऐसा करने से माता आपके घर परिवार की सभी बाधाएं, समस्याएं सदैव के लिए दूर कर देती हैं।