बाप ने अपनी ही 5 साल की मासूम बेटी को बनाया हवस का शिकार, वजह जान कर आपका भी खून खौल उठेगा

ये तो सब जानते है कि इस्लाम धर्म में औरतो की स्थिति कितनी खराब है. जी हां बहुत से लोगो का ये मानना है कि इस्लाम धर्म में महिलाओ को केवल बच्चे पैदा करने के लिए एक मशीन की तरह इस्तेमाल किया जाता है. मगर हाल फ़िलहाल इस्लाम धर्म का जो नया सच सामने आया है, उसके बारे में जान कर आपको भी इससे बेहद नफरत होने लगेगी. आपको जान कर ताज्जुब होगा कि इस्लाम के ही एक सेलिब्रिटी प्रचारक ने अपनी 5 साल की मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया. वही ऐसा करने के पीछे उसने जो कारण बताया है, वो और भी ज्यादा घिनौना है, जिसके बारे में जान कर आपके मन में इस्लाम धर्म के प्रति नफरत भी पैदा हो सकती है.

बता दे कि यहाँ जिस शख्स की हम बात कर रहे है, उनका नाम शेख फहयान अल घामदी है. जो सऊदी अरब का रहने वाला है और इस्लाम का प्रचारक है. इस शख्स की करतूत के बारे में जानने के बाद आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे. गौरतलब है कि इसने अपनी 5 साल की मासूम बेटी को बड़ी बेरहमी से अपनी हवस का शिकार बनाया और वो भी इसलिए क्यूकि वो अपने इस शक को दूर करना चाहता कि उसकी बेटी वर्जिन है या नहीं. ऐसे में उसने अपनी ही बेटी का रेप कर डाला. बता दे कि रांदा अल क्लीब एक सामाजिक कार्यकर्ता है. जी हां ये उसी अस्पताल में काम करती है, जहाँ लामा को भर्ती करवाया गया था.

5 साल की मासूम बेटी

इस दौरान उन्होंने बताया कि लामा काफी बुरी तरह से घायल थी और उसका बार बार रेप किया गया था. इसके इलावा सबसे ज्यादा ताज्जुब की बात तो ये है कि इस जुर्म के लिए फहयान जैसे बहशी को जो सजा मिली, उसके बाद इस्लाम का असली चेहरा सबके सामने आ गया. जी हां बता दे कि इस जुर्म के लिए फहयान को केवल कुछ महीनो के लिए जेल की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही पचास हजार रूपये पेनल्टी के तौर पर भरने के लिए कहा गया है. बता दे कि ये पैसे उसे लामा की माँ यानि अपनी ही पत्नी को देने होंगे.

बरहलाल सऊदी में इस्लाम का ही कानून चलता है, जिसके तहत वहां किसी को अपने बच्चो का क़त्ल करने की सजा तक नहीं दी जाती और न ही अपनी पत्नी का क़त्ल करने की सजा दी जाती है. आपको बता दे कि फहयान ने अपनी मासूम बेटी का रेप ही नहीं किया, बल्कि उसके साथ काफी मार पीट भी की और उसे काफी टॉर्चर भी किया गया. ऐसे में बच्ची इतना सब कुछ सहन नहीं कर पायी और आखिरकार उसकी मौत हो गई. हालांकि बेटी की मौत के बाद भी फहयान को इस बात का अफ़सोस नहीं है, क्यूकि इस्लाम तो उसे ऐसा करने की इजाजत देता ही है.

बरहलाल इस घटना को पढ़ने के बाद आप क्या सोचते ये हमें जरूर बताइएगा, क्यूकि हम भी जानना चाहता है कि इस बाप ने अपनी 5 साल की मासूम बेटी के साथ जो किया, क्या वो सही है?