बड़ी खबर : पूर्व प्रधानमंत्री ने दिया काँग्रेस को जोरदार झटका, सबके सामने थाम लिया मोदी जी का हाथ

यूं तो हमारे देश में तमाम दिग्‍गज नेता है जिन्होने अपने कार्यकाल में जनता के हित कई ऐसे कार्य किये है जिन्हे आज भी सराहा जाता रहा है मगर देखा जाए तो तत्कालीन सरकार ने पूर्व सरकारी अफसरों की तुलना में काही ज्यादा कम किया है जिसमे कोई दो राय नहीं है और ना ही किसी तरह का सवाल किया जा सकता है। मगर आज जो खबर हम आपके लिए लेकर आए है उसे सुनने के बाद निश्चित रूप से आपको बहुत ही हैरानी होगी। असल में जब से मोदी सरकार बनी है तब से लेकर विपक्ष के सभी सरकार और अफसरों को किसी ना किसी बता पर जलन होती ही रहती है और वो भरसक कोशिश करते है की कहीं से कोई ना कोई कमी निकाल सकें।

हांलाकि इन सभी बातों का मोदी सरकार पर कोई भी असर पड़ता नहीं दिख रहा है मगर इसी बीच आज से 20 वर्ष पहले स्विट्जरलैंड में विश्व आर्थिक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा ने भी आजपूरे विश्वास के साथ यह माना की पिछले दो दशक में भारत ने विभिन्न स्तरों पर काफी प्रगति कर ली है। ऐसा देखा जा रहा है की पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान से कांग्रेसतथा अन्य कई  विपक्षी पार्टियां काफी शर्मशार हुई और उन्हे जबर्दस्त झटका भी लगा। आपको बता दे की पूर्व प्रधानमंत्री श्री देवगौड़ाभी मोदी राज़ में कुछ बदले-बदले से नजर आए और मोदी राज़ में हुए प्रगति को देखते हुए आखिरकार उन्होने भी ये मान लिया की पीएम मोदी वाकई में विकास पुरुष हैं।

आगे बोलते हुए उन्होने कहा की इसमें कोई शक नहीं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी और वर्तमान में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश ने सबसे ज्यादा तरक्की की है और निश्चित रूप से ये बात कांग्रेस ओर खासतौरपर राहुल गाँधी के लिए बहुत ही शर्मनाक है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश की आज़ादी के बाद से ही रुलिंग पार्टी जो की काँग्रेस ही रही है ने सिर्फ देश में गरीबी हटाने का नारा लगाने के अलावा कुछ भी खास नहीं किया,। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि कांग्रेस के कार्यकाल में माननीय मनमोहन सिंह जैसे अर्थशास्त्री जो प्रधानमंत्री जैसे उच्च पद पर दो कार्यकाल तक बने रहे मगर उन्ही की नाक के नीचे कोंग्रेसियों ने देश को जमकर लूटा,  भ्रष्टाचार किये और माननीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी लगातार मौन सहमति देते रहे।

बताना चाहेंगे की मंगलवार को मोदी ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच पर अपना पूरा भाषण हिन्दी में दिया और देश का गौरव बढ़ाया, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि उन्होने इस अधिवेशन में भारत में निवेश, सरकार द्वारा दफ्तरशाही खत्म करने से निर्माण तथा उत्पादन में अभूतपूर्व सुगमता और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से निवेश करने पर जोर दिया। आपकी जानकारी के लिए बता दे की मोदी ने कहा, ‘इससे पहले 1997 में जब देवगौड़ा जी ने अधिवेशन में हिस्सा लिया था, तब देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) चार सौ अरब डॉलर थी और आज अगर आप देखेंगे तो वर्तमान में हमारे देश की जीडीपी तब से लेकर छह गुनी हो गई है।

एच डी देवगोड़ा बताते है की जब वो विश्व आर्थिक मंच पर थे तो उस वक़्त उन्हे ऐसा महसूस होता था की उनका देश भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा भ्रष्ट देश है। मगर जिस तरह से मोदी जी ने अपनी हाज़िरजवाबी और मैनेजमेंट से पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना दिया, इसे देखते हुए कहा जा सकता है की देश वाकई में बादल रहा है और बहुत जल्द भारत देश अपनी एक अलग ही पहचान बनाने वाला है और मोदी की इस सफलता से निश्चित रूप से सबसे ज्यादा काँग्रेस पार्टी को तकलीफ हो रही है जिसे वो बयान भी नहीं कर पा रहे है।