भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं, इंडियन नेवी को मिला एक खतरनाक हथियार का तोहफा, देखे Video

भारतीय नौसेना को एक ऐसा नायाब तोहफा मिला हैं जिसकी वजह से भारतीय समुद्री सीमा में घुसपैठ करने वाले दुश्मनों की नींद उड़ गई हैं. दरअसल भारतीय नौसेना को पहनी स्कोर्पियन क्लास की सबमरीन (पनडुब्बी) कलवरी मिल गई हैं. आपको बता दे कि इस सबमरीन का निर्माण पीएम मोदी के द्वारा चलाई गई मुहीम ‘मेक इन इंडिया’ के तहत किया गया हैं.

कलवरी नाम की सबमरीन भारतीय नौसेना को उसकी पचासवीं वर्षगाठ (गोल्डन जुबली) पर तोहफे के रूप में मिली हैं. सबमरीन को कलवरी नाम हिन्द महासागर में पाई जाने वाली खूंखार मछली टाइगर शार्क के नाम पर दिया गया हैं. इस शानदार सबमरीन को गुरुवार के दिन मझगांव डॉक शिपब्युल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) के द्वारा नेवी को दे दिया गया.

स्कोर्पियन सबमरीन कलवरी की खासियत

कलवरी एडवांस्ड साइलेंसिग टेक्निक से लैस है, जिसका मतलब यह हुआ कि यह समुद्र की गहराई में बिना शोर मचाए चहल कदमी कर सकती हैं. इस तरह दुश्मनों को अपनी मौत के पास आने की खबर नहीं लग पाएगी. यह सबमरीन कम से कम शोर मचाए इसलिए इसमें रेडिएटेड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है.

इस सबमरीन का शेप हाइड्रो-डॉयनामिकली ऑप्टिमाइज्ड हैं जिसकी वजह से यह समुद्र की तेज़ लहरों को चीरते हुए तेज़ी से आगे बढ़ सकती हैं. चुपचाप और तेज़ चलने के अलावा इस सबमरीन में कई खतरनाक और घातक हथियार भी लगे हुए हैं. यह सबमरीन पलक झपकते ही दुश्मन सबमरीन को तबाह करने का दम ख़म रखती हैं. इसमें लगी एंटी-शिप मिसाइल का इस्तेमाल टारपीडो और ट्यूब तरीके से किया जाता हैं.

कलवारी कई किलोमीटर दूर खड़े दुश्मन पर सटीक निशाना लगाने में भी सक्षम हैं. आपको बता दे कि इस सबमरीन में  स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है. इसके अलावा यह सबमरीन विस्फोट से भरी माईन बिछाने से लेकर ख़ुफ़िया इंटेलिजेंस डाटा इकट्ठा करने तक सारे काम कर सकती हैं.

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भारत हथियारों के मामले में धीरे धीरे अपनी पकड़ मजबूत करता जा रहा हैं. थल और वायु सेना के अलावा अब समुद्री सेना में भी एक बढ़कर एक घातक हथियार शामिल होने लगे हैं.