गर्भकाल के दौरान भूल से भी महिला को नहीं खाना चाहिए ये तीन फल, हो सकता है नुकसान

इस संसार में जन्म लेना एक बहुत ही अलग सा एहसास है, और सिर्फ जन्म लेने वाले वाले के लिए ही नहीं बल्कि जन्म देने वाले के लिए उससे भी बड़ा और खूबसूरत एहसास होता है। देखा जाए तो प्रकृति का भी अनपा अलग ही नियम है जिसे कभी कोई समझ नही पाया है आज तक मगर फिर भी यह संसार इसी प्रकृति की दें है। आपको बता दें की संसार मे इंसान के रूप मे जन्म मिलना वाकई में भाग्य की बात होती हिय मगर आपको यह भी बताते चलें की प्रेग्‍नेंसी के दौरान वो नौ महीने किसी भी महिला के लिए बहुत ही ज्यादा खास होते हैं। खास ना सिर्फ इस वजह से की वो माँ बनाने वाली है बल्कि इस वजह से भी की उसका होने वाला बच्चा इस संसार में कितना स्वास्थ्य और अच्छा आता है और इस सबके लिए हर माँ को बहुत सारी बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। जैसे आपको बता दें की इस नौ महीने के दौरान गर्भवती महिला को किस तरह का भोजन करना चाहिए और क्या नहीं खाना चाइए इन सभी बातों का बहुत ही विशेष ध्यान रखना पड़ता है और आज हम आपको कुछ ऐसी ही खबर लेकर आए है जो किसी भी प्रेग्नेंट महिला के लिए काफी ज्यादा एहम हो सकती है।

सबसे पहले तो आपको बता दें की किसी भी गर्भवती मह‍िला को आमतौर पर इस दौरान ज़्यादातर फल और सब्‍ज‍ियों के सेवन की ही[सलाह दी जाती है मगर आपको बता दें की कुछ ऐसे चीजें भी हैं जिनसे उसे बचने को कहा जाता है। ये वो चीजें हैं जो प्रेग्‍नेंसी में मह‍िला के लिए काफी ज्यादा परेशानी खड़ी कर सकती हैं जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे है। इसमे सबसे पहला नंबर आता है कच्चे पपीता का। बताना चाहेंगे की गर्भकाल के दौरान महिलाओं को कच्चा पपीता नहीं खाना चाहिए। असल में बताया जाता है की यदि आप कच्चा पपीता खाने से प्रसव जल्दी होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा बताया जाता है की यदि किसी महिला को गर्भकाल का तीसरा या अंतिम माह चल रहा है तो वह डॉक्‍टर की सलाह लेकर पका हुआ पपीता खा सकती है क्योंकि इसमें विटामिन C तथा अन्य पोषक तत्व काफी मात्र में पाये जाते है जो किसी भी गर्भवती महिला के लिए काफी ज्यादा आवश्यक होता है इससे उनका पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है जो इस वक़्त काफी आवश्यक होता है।

इसके बाद हम बात करते है अनानास यानी की पाइनएप्‍पल की, बता दें की किसी भी गर्भवती महिला को अनानास का सेवन करने से जहां तक संभव हो सके बचना चाह‍िए क्योंकि ऐसा माना जाता है की इसके सेवन से जल्दी ही प्रसव होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है जो कई बार कष्टदाई हो सकती है या फिर आपके होने वाले शिशु के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

इसके अलावा आपकोबताते चलें की जब आप गर्भकाल की अंतिम तिमाही में हो उस वक़्त कोशिश करें की अंगूर के सेवन से बचना चाहिए। असल में इनकी तासीर गर्म होती है जिसके कारण असमय पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है जो कई बार काफी ज्यादा गभीर भी हो सकता है।