आने वाले ये 60 दिन पड़ सकते हैं आप पर भारी, राहु-मंगल का मिलन मचाने वाला है कोहराम

जैसा कि हम सब जानते और जाफी हद तक मानते भी है कि व्यक्ति के अच्छे और बुरे के लिए ग्रह अदि जिम्मेदार होते है, जिसमे बुरे के लिए जगजाहिर राहु व केतु ग्रह का नाम सर्वाधिक लिया जाता है। हालाँकि यह सब प्राचीन समय से हिन्दू मान्यताओं में माना जाता रहा है जो आज भी चालान माँ है। खैर इन सब बातों को मानाने वालो के लिए यह जानकारी काफी महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि जानकारी के अनुसार 2017 में मंगल ग्रह जल तत्व राशि कर्क में प्रवेश कर चुका है जिसे उसकी नीच राशि के रूप मन जाता है।

वहीं दूसरी तरफ ऐसा बताया जा रहा है कि 18 अगस्त, 2017 को राहू कर्क राशि में प्रवेश कर रहा है, इस प्रकार से दोनों का इस राशि में मिलन विश्व में भारी प्राकृतिक आपदा का सूचक है। माना जाता है कि जब-जब मंगल-राहू ऐसी राशि में भ्रमण करते हैं तब-तब जल प्रलय, भूकम्प, हिंसा, राजनीतिक उथल-पुथल, सरकार व नेताओं एवं सेना के लिए भारी परेशानियों वाला समय होता है।

ऐसा कहा जाता है कि इस गोचर में अग्नि तत्व राशि सिंह में सूर्य, बुध-राहू का भ्रमण अशांति का सूचक है। आपको बता दे की राहू और मंगल की इस युति से आने वाले अगले 60 दिन बेहद सवेंदनशील होंगे और ऐसा लग रहा हो रहा है कि विश्व के उत्तरी भाग में भारी जल प्रलय के कारण तबाही का मंजर भी बन सकता है। हिमालय के आगे अफगानिस्तान, रूस, चीन, अटलांटिक यूरोप में इसके कारण बड़ी प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ हिंसा, आंदोलन, विमान दुर्घटना तथा युद्ध जैसा माहौल का सामना करना पड़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की राहू की दृष्टि शनि पर होगी जो और ज्यादा प्राकृतिक आपदा, हिंसा, आंदोलन व वृद्ध जैसी स्थिति पैदा करेगी।

आपको बताना चाहेंगे कि ग्रहों-नक्षत्रो का असर सिर्फ इंसानों पर ही अपना प्रभाव नही डालता बल्कि यह घर, परिवार, कार्य, शिक्षा यहाँ तक की देश तक पर अपना असर डालता है। इन ग्रहों के खरतनाक दुष्प्रभाव से देश को आंतरिक और बाहरी दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले 60 दिनों में पाकिस्तान या चीन दोनों में से कोई भी देश किसी बड़ी हरकत को अंजाम दे सकते हैं। इन बातों पर अगर ध्यान दे तो बेहतर होगा की इससे पहले की कोई अनहोनी घटना हो हमें सावधान होकर पहले से भी ज्यादा मुस्तैदी से इनका जवाब देने की तैयारी रखनी होगी।

ग्रहो की इस तरह के दशा परिवर्तन पर ध्यान दिया जाये तो यह कहा जा सकता है कि कुल मिलाकर आने वाले 18 महीने राहू के कर्क राशि में भ्रमण के कारण यह कई वरिष्ठ नेताओं, अधिकारियों के निधन का संकेत देता है। वहीं दूसरी तरफ आये दिन जिस तरह की हरकतें देश की सीमा पर हो रही ह पड़ोसी देशों से युद्ध करने का संकेत भी दे रहा है।